
धर्मशाला – राजीव जसबाल
जिला काँगड़ा को कितना हलके में लिया जाता है उसका जीता जागता प्रमाण!
गुरपनतवंत सिंह पन्नू शिमला में तो यह तुछ काम न कर सका लेकिन ताजुब की बात है प्रदेश की दूसरी विधान सभा जहाँ एक सी सी टी वी तक नहीं और न ही कोई सुरक्षा, कितनी आसानी से कोई यहाँ आकर इन खालिस्तानी झंडों को लगा कर चला गया!
ज़िला में कौन कब कैसे कहाँ से घुस रहा है इसकी कोई चेकिंग नहीं हो रही, आखिर कहां सोयी हैं? प्रदेश एवं जिला की सुरक्षा एजेंसीयां ?
जहां प्रदेश की राजधानी शिमला के रिज मैदान में खालिस्तानीयों द्वारा झंडे लहराने की धमकियाँ दी जा रही थी, आज कहीं ना कहीं उनके द्वारा दी गई धमकियों को अंजाम रूपी अमलीजामा पहना दिया गया।
यह तस्वीर आज सुबह धर्मशाला की विधानसभा के बाहर की दीवारों की है।
जहां कोई आज खालिस्तान के झंडे लगाकर चला गया,और पुलिस, प्रशासन एवं सुरक्षा एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी, ताज्जुब की बात है कि प्रदेश की दूसरी विधानसभा के बाहर cctv कैमरा भी नहीं लगाया गया था।
