इंदौरा: कंगरेड़ी पंचायत के दो दर्जन गरीब परिवारों का पंचायत जनप्रतिनिधियों ने बिना बताए बीपीएल सूची से काटा नाम

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इंदौरा- शम्मी धीमान

उपमंडल इंदौरा के अधीन आती ग्राम पंचायत कंगरेड़ी में लगभग दो दर्जन बीपीएल परिवारों को बिना बताए व बिना कोई सरकारी सहूलियत लिए ही जनप्रतिनिधियों ने बीपीएल सूची से बाहर कर अपने चहेतों व साधन संंपन्‍न लोगों को उनकी जगह पर बीपीएल सूची में डाल दिया है।

बीपीएल सूची से बाहर निकाले गए परिवारों के मुखिया देश राज,मस्त राम, विक्रम सिंह, मदन लाल, तारो देवी, तिलक राज, हरवंश लाल, बाबू राम व विशन दास ने बताया कि हम में से एक की माता और एक कि बेटी अक्षम हैं और चारपाई पर पड़ी रहती हैं उनका नाम भी सूची से बाहर कर दिया है।

उन्होंने बताया कि न तो उनके पास भूमि है और न ही कोई आय का स्थाई साधन जिससे की वह अपना भरण पोषण कर सके, जबकि वह अपनी जरूरतें मजदूरी कर पूरी कर रहे हैं। कभी दिहाड़ी लगती है कभी घर बैठना पड़ता है। हम सभी परिवारों के स्लेटपोस के घर है जिनकी हालत भी जर्जर है।
उनमें कई परिवारों के सदस्य अपंग भी है। लेकिन पंचायत ने फिर भी उनका नाम बीपीएल सूची से बाहर कर दिया है और जिनके नाम सूची में डाले में उनमें कई परिवारों के पास गाड़ियां, ट्रैक्टर व बढ़िया दो से तीन तीन मंजिला लैंटर बाले पक्के मकान है।
उन्हें तो नाम काटे जाने का तब पता चला जब वो सरकारी राशन डिपू में अपना बीपीएल कोटे के राशन लेने के लिए गए। कई बार पंचायत प्रधान को नाम काटे जाने का कारण भी पूछा पर कोई जबाब नहीं दिया। जब हमने आरटीआई से इसकी जानकारी पंचायत सचिव से मांगी तो जो जानकारी हमने लिखी थी उसके नहीं भेजा गया।
जानकारी में यह बताया गया कि अपने नाम ग्राम सभा की बैठक में लोगो की सहमति से काटे गए है जबकि हमें उस ग्राम सभा की कोई भी सूचना पंचायत द्वारा नही दी गई थी। गरीब परिवारों ने पंचायत पर आरोप जड़े है कि उन्होंने सबके सामने ग्राम सभा न करते हुए पंचायत घर के कमरे मे ही बैठकर बिना बताए कोरम पूरा कर अपने चेहतों के नाम सूची में डाल दिये है।
इन परिवारों ने कहा कि उन्हें बताया जाए कि उन्हें क्यो सूची से वाहर किया गया। प्रसाशन जांच पड़ताल करे कि जिनके नाम सूची में अभी दर्ज कीये है क्या बो परिबार गरीब है जा फिर हमारे परिवार गरीब है। हम समस्त परिवार इकठे होकर
इस मामले की शिकायत एसडीएम इंदौरा से कर इंसाफ की मांग करेंगे।
पंचायत उपप्रधान के बोल 
उधर पंचायत उपप्रधान नरेश कुमार ने बताया कि ग्राम सभा मे उपस्थित जनता की सहमति से उनके काम सूची से काटे गए है अगर इनको लगता है कि इनके नाम गलत काटे गए हैं तो वह इसकी जांच करवा सकते हैं।
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