भाषा एवं संस्कृति विभाग हमीरपुर द्वारा धूम-धाम से मनाया गया संस्कृत सप्ताह

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जिला-स्तरीय श्लोकोच्चारण, संस्कृत-गीतिका, प्रश्नोत्तरी तथा निबंध लेखन प्रतियोगिताओं का किया आयोजन, जिला के 65 विद्यालयों के लगभग 350 छात्र छात्राओं ने प्रतियोगिताओं में भाग लिया

 हमीरपुर – अनिल कपलेश

श्रावणी पूर्णिमा अर्थात् रक्षाबंधन पर्व से तीन दिन पहले और तीन दिन बाद कुल सात दिन तक संस्कृत सप्ताह का आयोजन सम्पूर्ण विश्व सहित पूरे भारतवर्ष में बड़े हर्षोल्लास के साथ किया जाता है।

इस अवसर पर विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में कई प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है | भाषा एवं संस्कृति विभाग भी संस्कृत के संरक्षण एवं सम्वर्धन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

भाषा एवं संस्कृति विभाग हमीरपुर द्वारा संस्कृत सप्ताह के अवसर पर जिला-स्तरीय संस्कृत उत्सव का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय एवं महाविद्यालयस्तरीय श्लोकोच्चारण, गीतिका-गायन, निबन्ध-लेखन एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

इन जिला-स्तरीय प्रतियोगिताओं में जिला हमीरपुर के कुल 65 विद्यालयों के लगभग 350 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

समारोह का शुभारम्भ मुख्यातिथि राजकीय महाविद्यालय धनेटा के प्राचार्य अश्वनी कुमार एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष सुप्रसिद्ध संस्कृत विद्वान डा. ओमदत्त सरोच एवं अन्य गणमान्यों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया।

डा. मुकेश कुमार द्वारा श्रावणी पूर्णिमा, रक्षाबंधन एवं संस्कृतदिवस विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत की सम्पूर्ण विश्व में प्रतिष्ठा के दो ही स्तम्भ है- एक भारतीय संस्कृति और दूसरी भारत की भाषा संस्कृत।

उन्होंने कहा कि यदि मानव को स्वयं को जानना है तो संस्कृत उसका मार्ग प्रशस्त करती है। जीवन के नैतिक मूल्यों एवं भारतीय ज्ञान-परम्परा की निधि संस्कृत में ही निहित है।

कार्यक्रम के अध्यक्ष ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि समाज में लोगों और विद्यार्थियों की रुचि संस्कृत में बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि जब पहले कभी संस्कृत की प्रतियोगिताएं आयोजित होती थी, तो मुश्किल से दस- पन्द्रह प्रतिभागी होते थे, किन्तु आज जिला के विभिन्न विद्यालयों से आए हुए प्रतिभागियों से भरे हुए इस पंडाल को देखकर मन आह्लादित हो गया है।

मैं निश्चयपूर्वक कह सकता हूँ कि संस्कृत का भविष्य उज्ज्वल होने वाला है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में संस्कृत के स्थान पर भी प्रकाश डाला।

प्रतियोगिताओं का परिणाम

श्लोकोच्चारण-प्रतियोगिता में जिला हमीरपुर के कुल 62 विद्यालयों ने भाग लिया, जिसमें जलाड़ी विद्यालय की कनिका प्रथम, बराड़ा की वृंदा द्वितीय, कन्या विद्यालय हमीरपुर की देवान्शी तृतीय तथा हिम अकादमी की वर्तिका महाजन एवं बिझड़ी की अनन्या चतुर्थ स्थान पर रहे।

संस्कृत गीतिका गायन प्रतियोगिता में भी जिला के कुल 62 विद्यालयों ने भाग लिया, जिसमें मैगनेट हमीरपुर की गरिमा प्रथम, चौरी की भावना द्वितीय, जलाड़ी की मुस्कान तृतीय एवं कक्कड़ की रिद्धिमा चतुर्थ स्थान पर रहे।

निबन्ध लेखन प्रतियोगिता में कुल 35 विद्यालयों ने भाग लिया, जिसमें कन्या विद्यालय नादौन की वंशिका राणा प्रथम, होली हर्ट की खुशी द्वितीय, मैगनेट हमीरपुर की यशस्वी एवं कुठेड़ा की अलीशा तृतीय स्थान तथा जलाड़ी की श्वेता एवं नाल्टी की आस्था चतुर्थ स्थान पर रहे।

प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में जिला हमीरपुर के कुल 65 विद्यालयों ने भाग लिया, जिसमें कन्या विद्यालय नादौन की किरण बाला और आशना शर्मा प्रथम, मैगनेट हमीरपुर की तनिष्का और समृद्धि द्वितीय तथा साईं स्कूल उखली की तनीक्षा और अंजलि एवं जलाड़ी के तनय और ज्योति एवं गुरुकुल स्कूल हमीरपुर की अर्शिका और जिया तृतीय स्थान पर रहे |

इसके साथ ही मैड के आर्यन और राहुल, चौरी के अक्षित और साहिल, नाहलवीं के तनुजा और साक्षी तथा सनातन धर्म विद्यालय हमीरपुर की प्राची और दीपिका संयुक्त रूप से चतुर्थ स्थान पर रहे।

कार्यक्रम के अंत में जिला भाषा अधिकारी निक्कू राम ने जिला के विभिन्न विद्यालयों से आये हुए शिक्षक और प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए विजेता प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी तथा सभी प्रतिभागियों से भविष्य में और अच्छे से प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा की हिमाचल सरकार द्वारा द्वितीय राजभाषा संस्कृत के क्रियान्वयन हेतु भाषा एवं संस्कृति विभाग के अंतर्गत एक राजभाषा प्रभाग खोलने का निर्णय लिया गया है, जो कि संस्कृत जगत के लिए स्वागत योग्य निर्णय है।तत्पश्चात सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र एवं विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

कार्यक्रम में डा. आशा कुमारी, डा. जितेन्द्र , अनुज और हेमराज ने निर्णायक की भूमिका अदा की। आयोजन समिति सदस्य डा. बलवंत, डा. अमित सरोच आकर्ष, ज्योति प्रकाश एवं नरेश मलोटिया ने विभाग योग किया।

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