
कोटला – व्युरो
उपमंडल ज्वाली के तहत सोलधा पंचायत के वार्ड में जहां बिजली विभाग के हुकमरानों द्वारा सफेदे के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाने का मामला प्रकाश में आया है।
हरी सिंह राणा ने बताया कि मैंने अपनी मलकिती भूमि में 150 सफेदे के पेड़ लगाए थे। जिनको लगाए हुए सात साल हो चुके हैं। भूमि के ऊपर से बिजली की लाइन गुजरती है। इसका ध्यान रखते हुए लाइन के नीचे जगह छोड़ते हुए ही ये पौधे लगाए गए थे लेकिन बिजली विभाग के कर्मचारियों ने मुझे बिना नोटिस जारी किए ही मेरी जमीन में घुस कर 20 पेड़ जमीन के साथ लगते ही काट डाले और 40 पेड़ पांच फुट की ऊंचाई से काट दिए गए।
उन्होंने बताया कि पेड़ों के कट जाने से काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि जब मैंने इस बारे में कर्मचारियों से बात की तो, कर्मचारियों ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने कहा कि अगर बिजली की लाइन को इनसे कोई नुकसान होता, तो मुझे अवगत करवाते या पेड़ों की छांट छटाई कर देते लेकिन उनको जमीन से ही काटने की क्या आवश्यकता थी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि विभाग के कर्मचारियों पर उचित कार्रवाई की जाए।
विभागीय जेई अनुभव शर्मा के बोल:
इस बारे में बिजली विभाग कोटला के जेई अनुभव शर्मा से बात हुई तो उन्होंने कहा कि 11 केबी लाइन के नीचे लगे सफेदे के पेड़ों से थोड़े से ही तूफान से बिजली बंद हो जाती थी। जिसको देखते हुए भूमि मालिक को बता कर ही पेड़ काटे गए हैं। उन्होंने बताया कि पेड़ों की वजह से कोई भी आगजनी की घटना हो सकती थी। उसी का ध्यान रखते हुए पेड़ काटे गए।
