महिला कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष ने मंच पर ही लगा दी सुक्खू की क्लास

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हमीरपुर – अनिल कपलेश

कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष और नादौन के विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू के कार्यक्रम में कांग्रेस की गुटबाजी एक बार फिर नजर आई है।

कांग्रेस प्रचार समिति की कमान संभालने के बाद रविवार को सुक्खू गलोड़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के समारोह में पहुंचे थे। समारोह के समाप्त होते ही वीरभद्र सिंह के निजी सचिव रहे ओंकार सिंह ठाकुर की धर्मपत्नी सुमन लता ने मंच पर आकर कांग्रेस की एकजुटता की पोल खोल दी।

सुमन लता महिला कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष रह चुकी हैं।  सुमन लता ने सुक्खू को खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि आप नहीं जानते कि हम भी कांग्रेस से जुड़े हैं।

उन्होंने आरोप जड़ा कि वीरभद्र सिंह का समर्थक होने की वजह से सुक्खू ने अपने संबोधन में उनका नाम तक नहीं लिया। उन्हें सुक्खू ने दरकिनार करने की कोशिश की है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा।

उन्होंने सुक्खू को सख्त लहजे में चेतावनी दी कि इस विषय को कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह से उठाया जाएगा। मंच पर हंगामा होते देख कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने बीच बचाव करते हुए मामले को शांत करने की कोशिश की ताकि मामला और न बिगड़ जाए।

वहीं, सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उन्हें आश्वस्त किया कि दोबारा ऐसा नहीं होगा और उनको पूरा सम्मान दिया जाएगा। इससे पहले कार्यकर्ताओं ने सुक्खू का पन्याली चौक पर भव्य स्वागत किया।

युवाओं ने बाइक रैली निकाली। जनसभा को संबोधित करते हुए सुक्खू ने कहा कि नादौन का विकास ही उनका लक्ष्य है। उन्होंने महंगाई पर केंद्र सरकार को कोसते हुए कहा कि जो गैस सिलिंडर 400 रुपये का मिलता था, भाजपा सरकार के समय 1,100 रुपये में मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस सरकार आने पर ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) लागू कर दी जाएगी।

कांग्रेस में दस जिलाध्यक्षों को बदलने का मामला लटका

हिमाचल कांग्रेस में दस जिलाध्यक्षों को बदलने के मामला फिलहाल लटक गया है। पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर की टीम से वर्तमान जिलाध्यक्ष जुड़े हैं। इनमें अधिकांश जिलाध्यक्षों को बदलने के लिए हाईकमान पर दबाव डाला जा रहा है। हाईकमान ने शिमला जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष यशवंत छाजटा को प्रदेश कार्यकारिणी में लाकर प्रदेश महासचिव पद पर ताजपोशी की है।

छाजटा को पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह के कट्टर समर्थकों में गिना जाता है। वह शिमला जिले से संबंधित हैं।पार्टी सूत्रों के अनुसार हाईकमान को प्रदेश कांग्रेस ने जिलाध्यक्षों के नामों की एक सूची भेजी है।

यह सूची प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी के साथ ही हाईकमान को भेजी गई थी। प्रदेश पदाधिकारियों के 67 नामों की सूची हाईकमान 25 मई को जारी कर चुका है।

जिलाध्यक्षों के नामों की सूची फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दी है। बताते हैं कि जिलाध्यक्षों की तैनाती को लेकर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं में आपसी सहमति नहीं बन पाई है।

ये नेता अपने समर्थकों के हाथों में जिलों की कमान थमाने की कवायद कर रहे हैं। यही कारण है कि अभी तक नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति का मामला लटक रखा है।

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