
हमीरपुर – अनिल कपलेश
हिमाचल प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है। सरकार आज सैन्य भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से नजरअंदाज कर चुकी है, दूसरी ओर जो पुलिस विभाग की भर्ती निकाली थी उसके पेपर भी लीक हो गए हैं।
अब प्रदेश सरकार की ओर से पीडब्ल्यूडी यानी लोक निर्माण विभाग में 5000 मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती के लिए नए मापदंड तय किए गए हैं।
इन मापदंडों के जरिए सरकार ने चोर दरवाजे से अपने चहेतों की एंट्री की तैयारी कर ली है। ये बातें हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के सोशल मीडिया अध्यक्ष व प्रवक्ता अभिषेक राणा ने कहीं।
मल्टी टास्क वर्कर के लिए जब पुरुष और महिला उम्मीदवार फिजिकल टैस्ट देंगे तो उन्हें सीमेंट का कट्टा यानी बैग उठा कर चलना होगा।
यह काम निर्धारित समय में पूरा नहीं किया तो अंक काट लिए जाएंगे। किसी सरकारी विभाग में भर्ती के लिए पहली बार ऐसे मापदंड बनाए गए हैं।
प्रदेश में पुलिस भर्ती घोटाले का मामला अभी शांत नहीं हुआ है और सरकार की तरफ से ऐसे मापदंड तय कर दिए गए हैं, जिनसे प्रतिभाशाली युवाओं की एग्जिट और उनके अपने चहेतों की एंट्री हो सके।
अभिषेक ने कहा कि भाजपा सरकार का इरादा नए मापदंडों के जरिए कमजोर और अनुसूचित समाज के लोगों को भी मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती से बाहर करने का है।
पुलिस पेपर लीक मामले के बाद प्रदेश की जयराम सरकार अब लोक निर्माण विभाग में धांधली की तैयारी कर रही है। चहेतों को नौकरी देने के लिए प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को नजरअंदाज किया जाना चिंता का विषय है।
