
धर्मशाला- राजीव जस्वाल
मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना (एमएम सैगी) के तहत 120 दिन का रोजगार न दिए जाने व मजदूरी भुगतान न करने को लेकर हिमाचल बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन मजदूर यूनियन (इंटक) ने नगर निगम धर्मशाला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
सोमवार को हिमाचल प्रदेश इंटक के महामंत्री सीताराम सैनी के नेतृत्व में इंटक कार्यकर्ताओं व मजदूरों ने मिलकर नगर निगम धर्मशाला के कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान निगम के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। करीब एक घंटें तक इंटक के पदाधिकारी यहां डटे रहे।
सीताराम सैनी ने बताया कि इंटक ने मजदूरों की मांगों को लेकर जनवरी माह में मांग पत्र निगम प्रशासन को सौंपा था, उसके बाद फरवरी माह में इस संबंध में दो बार स्मरण पत्र भी भेजे। लेकिन आज दिन तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई और न ही निगम के अधिकारियों ने उन्हें बातचीत के लिए बुलाया।
मजदूरों की समस्याओं को लेकर दी गई मांगों में मुख्यत मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना के तहत मजदूरों को 120 दिन का कार्य प्रतिवर्ष दिया जाना जबकि दूसरी मांग मजदूरों की अदायगी को लेकर थी, जो कि लंबित पड़ी है उसे भी अदा किया जाना था।
उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों को लिखित मांग पत्र में बताया था कि यदि उनकी मांगों पर गौर न किया गया तो वह किसी भी कार्य दिवस पर कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे। इस दिशा में सोमवार को धरना प्रदर्शन किया गया है।
इसके बाद इंटक के पदाधिकारी उपायुक्त कार्यालय की तरफ रैली निकाल चले गए। जहां उन्होंने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांगपत्र भेजा। उधर, नगर निगम धर्मशाला के आयुक्त प्रदीप ठाकुर के मुताबिक उनके कार्यालय के बाहर महिलाओं का एक जत्था प्रदर्शन कर रहा था, लेकिन उन्होंने अपनी मांगों को लेकर किसी प्रकार का कोई मांगपत्र नहीं सौंपा है।
जहां तक बात एमएम सैगी योजना की है तो कोविड काल में शहरियों विशेष कर पंचायतों से शहर में शामिल हुए लोगों को रोजगार मुहैया कराने के लिए शुरू की गई थी। जिसमें अभी तक 33,873 कार्य दिवस अर्जित किए गए हैं और करीब एक करोड़, 16 लाख रुपये की धनराशि मजदूरों के खातों में डाली गई।
जब भी मजदूरों के खातों में कम या बैंक से जुड़ी समस्या आई है तो उसका समाधान किया गया है। अब योजना को लेकर सरकार से बजट मिलने का इंतजार किया जा रहा है। बजट आते ही योजना के तहत रोजगार मिलना शुरू हो जाएगा।
