
डमटाल- व्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा इस सीमावर्ती क्षेत्र इंदौरा के अधीन आते थाना डमटाल आजकल स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। यह थाना डमटाल का क्षेत्र पंजाब की सीमा के साथ जुड़ा हुआ क्षेत्र है। इस थाना क्षेत्र में आए दिन अपराधिक घटनाक्रम घटते रहते हैं। जिसे संभालने के लिए पर्याप्त पुलिस कर्मचारियों का होना जरूरी है लेकिन इस इलाके की भौगोलिक व अपराधिक इतिहास को देखते हुए थाना में पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध नहीं है।
इसी थाना के थाना क्षेत्र से जम्मू जालंधर राष्ट्रीय राजमार्ग होकर गुजरता है। हिमाचल की सबसे बड़ी अनाज मंडी भी इसी थाना के अंतर्गत आती है। यहां आए दिन ट्रैफिक की समस्या व दुर्घटनाएं होती रहती हैं। थाना डमटाल में ट्रैफिक प्रभारी का भी पद खाली पड़ा हुआ है। थाना में ट्रैफिक प्रभारी का पद खाली होने से आम जनमानस को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा डमटाल में 6 स्थानों को दुर्घटना स्थल घोषित किया गया है, लेकिन अन्य राज्यों से आने वाले वाहन इन्हीं स्थानों को रुकने के लिए इस्तेमाल करते हैं। इसके कारण कई बार दुर्घटनाएं भी हो जाती है और जान माल का नुकसान भी होता है। डमटाल बाजार में आए दिन लंबा जाम मिल रहा है। जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जम्मू कश्मीर से आने वाले वाहन सस्ते डीजल भरवाने के लिए हिमाचल के डमटाल में आकर रुकते हैं और कई बार हाईवे भी जाम कर देते हैं, लेकिन पर्याप्त पुलिस स्टाफ ना होने से जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन शायद पुलिस के उच्च अधिकारियों को इस समस्या के बारे में अभी तक जानकारी नहीं है तभी डमटाल थाना की तरफ अधिकारियों का ध्यान नहीं गया है।
इस समस्या को लेकर जब पुलिस अधीक्षक कांगड़ा खुशाल चंद शर्मा से बात की गई तो, उन्होंने बताया कि डमटाल थाना में स्टाफ की जो भी समस्या है उसे जल्द हल कर दिया जाएगा।
