
चंबा के भाषा अध्यापक गुस्साए, दस महीने बाद परिणाम घोषित न करने पर कोर्ट की दी चेतावनी
चंबा- धर्म नेगी
एक तरफ सरकार शिक्षकों की विभिन्न कैटेगरी के तहत खाली पदों को भर रही है। दूसरी तरफ चंबा जिला में भाषा अध्यापकों की बैचवाइज काउंसिलिंग का रिजल्ट नहीं निकाला जा रहा है। चंबा जिला के इस मामले पर अभ्यर्थियों ने आर-पार की लड़ाई लडऩे का ऐलान कर दिया है। अगर सरकार से न्याय नहीं मिला, तो शिक्षक कोर्ट जाएंगे।
बता दें कि अब चंबा जिला केे भाषा शिक्षकों का रिजल्ट न निकालने पर अब शिक्षा विभाग पर भी सवाल उठने लगे हैं। आखिर चंबा में ही बैचवाइज भर्ती के तहत रिजल्ट क्यों नहीं निकाला गया है इस पर शिक्षा विभाग ने लंबे समय से चुप्पी साधे रखी है। बेरोजगारी झेल रहे अभ्यर्थी कई मर्तबा शिक्षा विभाग से लेकर शिक्षा मंत्री तक इस मामले पर मिले, लेकिन कोई भी इन अभ्यर्थियों को आश्वस्त नहीं कर पा रहा है।
आरोप है कि प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय विभाग द्वारा भाषा अध्यापक बैचवाइज का दस महीने से परिणाम नहीं निकाला गया है। इससे गुस्साए भाषा अध्यापकों ने अब कोर्ट जाने की धमकी दे दी है। भाषा अध्यापकों का आरोप है कि छह और सात सितंबर 2020 को जिला चंबा में भाषा अध्यापक की काउंसिलिंग प्रारंभिक उपनिदेशक जिला चंबा के कार्यालय में करवाई गई थी, लेकिन आठ महीने बीत जाने के बाद भी आज तक जिला चंबा में भाषा अध्यापक बैच वाइज का परिणाम नहीं घोषित किया गया।
इससे टेट पास शिक्षक अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। अभ्यर्थी दीप्ती कुमारी, सोनिया कुमारी , निधि कुमारी ,सपना देवी , राधा देवी ,आरती देवी, मोनिका देवी, छाया देवी, कुसुमलता, आदि ने कहा कि इतना अधिक समय बीत जाने के बावजूद नतीजे न निकालना उनकी चिंताएं बढ़ा रहा है। विभाग व सरकार द्वारा दस महीने से भाषा अध्यापकों का परिणाम न निकालने के कारण भारी रोष है। उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से भी विशेष मांग की है कि भाषा अध्यापकों के बैचवाइज के परिणाम के निर्देश जल्दी से जल्दी किए जाएं।
शिक्षा विभाग भी मौन
बता दें कि इस मामले पर प्रारंभिक शिक्षा विभाग भी मौन है। आखिर इतने लंबे समय से कोई भी बाधा न होने की वजह से शिक्षकों का रिजल्ट क्यों रोका गया है, इस पर विभाग के अधिकारी कुछ भी नहीं बोल पा रहे हंै। उधर, प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक पंकज ललित का कहना है कि मामला अभी ध्यान में है, जल्द रिजल्ट निकाला जाएगा।
