
धर्मशाला, राजीव जस्वाल
हिमाचल प्रदेश में 25 दिन बाद कोविड कर्फ्यू में ढील और अनलॉक की शुरुआत के साथ जिंदगी फिर से पटरी पर लौटने लगी। सोमवार को 30 फीसद स्टाफ कार्यालयों में पहुंचा। बस सेवा बंद होने के कारण कर्मचारी व अधिकारी निजी वाहनों व टैक्सी हायर कर दफ्तर पहुंचे। वहीं दुकानें खुलने से बाजारों में चहलकदमी बढ़ गई है। सुबह ही सड़क पर ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ गया। हालांकि बाजार व सड़कों पर जुटी लोगों की भीड़ फिर से खतरा बन सकती है। लोगों को सावधानी बरतनी होगी।
हालांकि आम दिनों के मुकाबले सुबह बाजारों में चहलकदमी कम रही पर दुकानें खुलने से रौनक लौटने लगी है। कई दिनों से शांत सड़कों में जहां वाहनों की आवाजाही व शोर बढ़ गया है। अब कर्मचारी लंबे समय के बाद दफ्तरों को निकले हैं तो अपने वाहन लेकर आए हैं। ऐसे में वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है।
दुकानदार दो बजे तक दुकानें खुलने से काफी उत्साहित हैं। दुकानदारों का कहना है कि बेशक बहुत ज्यादा ग्राहक नहीं हैं पर दुकान में बैठे हैं तो कोई न कोई ग्राहक आ रहा है। घर में बैठे बैठे परेशान हो गए थे। वहीं रोजी रोटी के लिए भी परेशानी बढ़ने लगी थी। अब खुश हैं कि दुकानें खुल गई हैं व कारोबार और हालात सामान्य होने की उम्मीद है। दो बजे तक का समय भी बहुत है।
जिला कांगड़ा के धर्मशाला, योल, नगरोटा बगवां, कांगड़ा, पालमपुर, बैजनाथ, जयसिंहपुर, गगल, शाहपुर, नूरपुर, जवाली, जसूर, इंदौरा, नगरोटा सूरियां सहित अन्य स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ी है और बाजारों में रौनक है।
