
देहरा, शीतल शर्मा
जिला कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता व देहरा कांग्रेसी नेता सपन सूद ने कहा है कि कोरोना संक्रमण के इस कठिन दौर में वैक्सीनेशन के नाम पर भी सरकार ग्रामीण जनता की मुसीबतें बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। ग्रामीण जनता सरकार की पंगु व्यवस्था व बदइंतजामी से परेशान हो रही है।
आज यहां जारी एक बयान में सपन सूद ने कहा कि 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगाने की सरकार ने घोषणा तो कर रखी है लेकिन ना तो पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध है और ना ही ग्रामीण जनता को उनके घर के नजदीक स्वास्थ्य केंद्रों में यह सुविधाएं मिल पा रही हैं। आलम यह है कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोग सारा दिन परेशान होते रहते हैं और सरकार का पोर्टल चंद मिनटों में ही हांफने लगता है।
उन्होंने कहा जिन गरीब ग्रामीणों के पास आधुनिक मोबाइल फोन नहीं हैं, उनके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना आसमान से तारे तोड़ने के समान हो गया है। कई ग्रामीणों को वैक्सीनेशन व रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए कई कई किलोमीटर की दूरी तय करना पड़ रही है और जनता सरकार की इस लचर व्यवस्था के लिए पानी पी पीकर सरकार को कोस रही है।
सपन सूद ने सरकार से सवाल करते हुए पूछा है कि ऐसी क्या वजह है कि लोगों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में वैक्सीनेशन उपलब्ध नहीं करवाई जा रही और इधर उधर दौड़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा सरकार जनता को राहत प्रदान करने की बजाय आफत में डाल रखी है।
सपन सूद ने कहा कि एक तरफ तो कोरोना महामारी के इस दौर में काम धंधे बंद होने से लोगों के रोजगार पर संकट आया हुआ है और दूसरी तरफ सरकार वैक्सीनेशन के लिए भी जनता को लगातार परेशान होना पड़ रहा है। सपन सूद ने आरोप लगाया कि सरकार के पास ना तो समुचित वैक्सीन है और ना ही सरकार का कोई विजन है। सरकार की स्वास्थ्य सुविधाओं का भी जनाजा उठ चुका है ।
उन्होंने कहा मोदी सरकार ने सबसे पहले जमकर यह प्रचार किया था कि 28 से 35 दिनों के भीतर वैक्सीन की दूसरी डोज लगवानी होगी। परंतु देश में वैक्सीन का टोटा पड़ने के कारण अब मोदी सरकार लगातार वैक्सीनेशन की अवधि को बढ़ाती जा रही है जिससे सरकार की नीयत भी संदेह के घेरे में आ रही है। उन्होंने कहा यह संदेश भी पैदा होता है कि कहीं सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ तो नहीं कर रही।
