स्मार्ट सिटी कार्यों को धरातल पर उतारने को होगा काम: मेयर ओंकार नेहरिया

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धर्मशाला,राजीव जस्वाल

धर्मशाला शहर की 7 बड़ी चुनौतियों और उनके समाधान के लिए धर्मशाला नगर निगम के महापौर ओंकार नैहरिया से पंजाब केसरी ने सीधी बातचीत की। आइए जानते हैं क्या हैं ये चुनौतियां और इनसे पार पाने के लिए विकास का क्या रोडमैप रहेगा.

1. धर्मशाला को स्मार्ट सिटी का तमगा मिले हुए लंबा समय बीत चुका है, लेकिन अभी विकास के कार्य नहीं हो पाए हैं। शहर में परियोजना के तहत कुछ कार्य आरंभ हुए हैं, लेकिन निर्माण कार्यों की गति धीमी है। इन्हीं कार्यों को ही गति प्रदान करते हुए जल्द से जल्द पूरा करने को कार्य किया जाएगा। मौजूदा समय में शुरू किए गए कार्यों को ही पूरा करने के बाद ही आगामी कार्यों को लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

2. धर्मशाला में डपिंग साईट आज के समय में बड़ी चुनौती बनी है। इस साईट का विरोध लगातार जारी रहता है। वार्ड के आधार पर ही कूड़े को व्यवस्थित रूप से रखने का प्रावधान करने को योजना तैयार की जाएगी। तरल और खाद्य अपशिष्ट पदार्थों की खाद तैयार करने के लिए मशीन स्थापित की जाएगी। जिससे कि एच.आर.टी.सी. के नजदीक स्थित डपिंग साईट में कूड़े के ढेर न लगें और नजदीकी क्षेत्र के लोगों को गंदगी का सामना भी न करना पड़े।

3. धर्मशाला में पार्किंग की समस्या भी बड़ी चुनौती है। जिला मुख्यालय तथा पर्यटन नगरी होने के चलते हर दिन सैंकड़ों वाहन यहां पहुंचते हैं। मैक्लोडगंज में पार्किंग निर्माण कार्य चला हुआ है। इसके अलावा शहर में जहां भी वाहनों की पार्किंग के लिए स्थान उपलब्ध होता है, वहां पर 4-5 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। सीवरेज सुविधा को शहर में सुचारू करने के अलावा निगम में मर्ज क्षेत्रों को भी यह सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके लिए डी.पी.आर. तैयार कर ली गई है तथा अब इस दिशा में तेज गति के साथ कार्य किया जाएगा।

4. नगर निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था भी चुनौती बनी हुई है। हालांकि घर-घर से कूड़ा एकत्रित करने की व्यवस्था तो है लेकिन कूड़ादानों के बाहर कूड़ा पसरा रहता है। निगम गठित होने के बाद सबसे पहले जिस कंपनी को वार्डों में सफाई का जिम्मा सौंपा गया था, उनके एग्रीमेंट को देखा जाएगा। इसमें देखा जाएगा कि वार्ड स्तर पर कितने कर्मचारियों को तैनात करने की बात कही गई थी। क्योंकि मौजूदा समय में हालात यह हैं कि वार्ड में 24 सफाई कर्मचारियों की तैनाती को एग्रीमेंट हुआ पर वहां पर 10 से 12 ही कर्मचारी हैं। कंपनी से पूरी डिटेल लेने के बाद सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा।

5. गर्मियों के मौसम में पेयजल आपूर्ति करना बड़ी चुनौती है। खासकर गर्मियों में यह समस्या विकराल रूप ले लेती है। शहर में पेयजल आपूर्ति करने के सोर्स कम हैं तथा नए सोर्स तलाशने पर भी कार्य किया जाएगा। इस समस्या को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया है तथा शहर के लिए एक बड़ी पेयजल स्कीम को शुरू करवाने के लिए बात रखी है। पेयजल की समस्या के निदान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

6. स्मार्ट सिटी में जगह-जगह फड़ी वाले हैं। शहर को व्यवस्थित तरीके से सुदंर बनाने के लिए कार्य किया जाएगा। इसके लिए सरकार के समक्ष भी इस मामले को उठाया जाएगा कि शहर में विभिन्न-विभिन्न स्थानों पर फड़ी से अपना रोजगार व परिवार का भरण पोषण करने वालों के लिए भी स्थान उपलब्ध करवाया जाए। सरकार से मंजूरी मिलती है तो इनके लिए छोटी-छोटी दुकानें एक स्थान पर बनाई जाएंगी।

7. नगर परिषद से नगर निगम धर्मशाला तो बनी लेकिन अभी भी परिषद के स्टाफ से ही काम चलाया रहा है। नगर निगम तथा स्मार्ट सिटी होने के चलते स्टाफ की कमी के कारण भी विकास कार्यांे को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए चुनौती है। निगम कार्यालय में खाली पड़े पदों को तुरंत भरने तथा पदों की संख्या को बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष भी मामला उठाया है। रिक्त पदों पर स्टाफ की तैनाती जल्द से जल्द करने के लिए प्रयास किया जाएगा। जिससे कि लोगों को स्टाफ की कमी के कारण समस्याओं का सामना न करने पड़े।

नगर निगम में लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सभी को साथ लेकर चला जाएगा। निगम कार्यालय में अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे कि प्रमाण पत्रों और विभिन्न मंजूरियों को 15 दिनों के भीतर दिए जाएं। इसमें सभी दस्तावेज ठीक हों तो किसी प्रकार भी देरी न हो। धर्मशाला को देश-दुनिया के सामने एक मॉडल स्मार्ट सिटी के रूप में मानचित्र पर लाने को विकासात्मक कार्यों को तवज्जो दी जाएगी। वार्डों में स्थान की उपलब्धता के आधार पर पार्क तथा ओपन एयर जिम बनाए जाएंगे।

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