सिटी रिपोर्टर — शिमला
हिमाचल प्रदेश के लगभग 15 हजार ग्रीष्मकालीन स्कूलों में पहले दिन 90 प्रतिशत शिक्षक पहुंचे। वहीं दूसरे दिन यानी कि गुरुवार को 95 प्रतिशत शिक्षकों की हाजिरी नोट की गई। उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक अमरजीत शर्मा ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि अब शिक्षकों की रोज आने जाने के समय को निदेशालय से चैक किया जाएगा। इसके साथ ही कितने शिक्षक स्कूलों में आ रहे हैं, इस पर भी निदेशालय नजर रखेगा।
गुरुवार को शिक्षा निदेशालय में आई रिपोर्ट के मुताबिक बिलासपुर, कांगड़ा जिला से सबसे ज्यादा शिक्षकों ने हाजिरी भरी है। बता दे कि अब शिक्षकों को आसानी से अवकाश नहीं मिलेगा। इसके साथ ही अब बोर्ड फाइनल एग्जाम तक शिक्षकों को रोज स्कूलों में आना होगा। विभागीय जानकारी के अनुसार 27 जनवरी को जो शिक्षक स्कूलों में नहीं आए थे, उसका कारण चुनावी ड्यूटी बताया गया था।
इसके साथ ही दो दिन अन्य जो शिक्षक नहीं आए, उनका कारण भी शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन से पूछा है। अहम यह है कि 31 जनवरी तक सरकारी स्कूलों में सेनेटाइजेशन को लेकर विशेष अभियान चल रहा है। क्लासरूम को सेनेटाइज किया जा रहा है, इसके अलावा दो गज की दूरी के सीटिंग प्लान भी स्कूल प्रबंधन बदल रहा है। बता दें कि कोरोना महामारी के चलते प्रदेश का शिक्षा विभाग लंबे समय से बंद पड़ा था।
अब प्रदेश के करीबन 15 हज़ार ग्रीष्मकालीन स्कूल 27 जनवरी से खोल दिए गए हैं, और सभी शिक्षकों को स्कूल आने के निर्देश दिए गए हैं। अब शिक्षा विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार पहले दिन सभी स्कूलों में 90 प्रतिशत शिक्षक आए, वहीं दूसरे दिन 95 प्रतिशत शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की।
दो गज की दूरी कायम रखें शिक्षक-छात्र
शिक्षा निदेशालय के निदेशक डा. अमरजीत शर्मा का कहना है कि स्कूलों में बच्चों के आने से पहले व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए स्कूल खोल दिए गए हैं, लेकिन अभी स्कूलों में बच्चे पहली फरवरी से आएंगे। उन्होंने कहा कि स्कूल खुलते ही सभी ग्रीष्मकालीन स्कूलों में करीब 60 हजार शिक्षक आ रहे हैं। आदेशों में कहा गया है कि प्रिंसीपल इस बात का ध्यान रखें कि किस तरह से स्कूलों में शिक्षक व छात्रों के बीच दो गज की दूरी को कायम रखना है। वहीं शिक्षा विभाग ने माइक्रो प्लान भी प्रिंसीपल से जल्द तलब किया है।