चलती 108 एंबुलेंस में बच्चे की किलकारी गूंज उठी, ईएमटी अरुण चौहान ने अपनी सूझबूझ और तत्परता से महिला का सुरक्षित प्रसव करवाया।
सिरमौर – नरेश कुमार राधे
उपमंडल राजगढ़ में 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने तत्परता, सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए चलती एंबुलेंस में एक गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव करवाया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस में नवजात की किलकारी गूंज उठी।
आपातकालीन परिस्थिति में ईएमटी अरुण चौहान ने धैर्य और कुशलता के साथ प्रसव करवाया, जबकि पायलट देशराज तोमर ने एंबुलेंस का संचालन करते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों कर्मचारियों की तत्परता से जच्चा और बच्चा सुरक्षित हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 वर्षीय गीता पत्नी दीपक, निवासी गांव खड़ेल, डाकघर रोड्डघाटी, तहसील राजगढ़ को देर रात अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इसके बाद परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क किया।
रात करीब 1 बजकर 53 मिनट पर एंबुलेंस कर्मचारियों को केस असाइन हुआ। सूचना मिलते ही ईएमटी अरुण चौहान और पायलट देशराज तोमर बिना देरी किए महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए रवाना हो गए।
एंबुलेंस महिला को लेकर राजगढ़ की ओर आ रही थी, लेकिन रास्ते में ही उसकी प्रसव पीड़ा काफी तेज हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ईएमटी अरुण चौहान ने तत्काल आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया शुरू की और चलती एंबुलेंस में ही महिला का सुरक्षित प्रसव करवाया।
रात करीब 3 बजे गीता ने अपनी तीसरी संतान के रूप में बच्चे को जन्म दिया। इस दौरान पायलट देशराज तोमर ने भी एंबुलेंस का संचालन करते हुए आवश्यक सहयोग दिया। प्रसव के बाद जच्चा और नवजात को सिविल अस्पताल राजगढ़ पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में दोनों को रखा गया है।
अस्पताल से प्राप्त जानकारी के अनुसार मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं। गीता के पहले से एक बेटा और एक बेटी हैं। इस घटना ने एक बार फिर आपातकालीन परिस्थितियों में 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों की अहम भूमिका को सामने लाया है।
अस्पताल पहुंचने से पहले चुनौतीपूर्ण हालात में प्रसव करवाकर ईएमटी अरुण चौहान ने अपनी दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। वहीं पायलट देशराज तोमर ने भी समय पर पहुंचकर और पूरे घटनाक्रम में सहयोग देकर अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। दोनों कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की जा रही है।

