हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में रोजगारपरक विषयों को लेकर बदलाव किया जाएगा, निजी सुरक्षा विषय की पढ़ाई बंद होने से संबंधित निर्णय के बाद व्यावसायिक शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की चर्चा है।
हिमखबर डेस्क
स्कूल में पढ़ाई के साथ कोई हुनर सीखने वाले हिमाचल प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक शिक्षा के विकल्प बदलने जा रहे हैं। सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में दूरसंचार की जगह इलेक्ट्रॉनिक तकनीक और प्लंबरिंग की जगह भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी शुरू करने का प्रस्ताव है। ‘
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने इन बदलावों को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। वहीं, निजी सुरक्षा विषय को अगले शैक्षणिक सत्र से बंद करने की तैयारी है। बदलाव का सीधा असर नौवीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों पर पड़ेगा। दसवीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थी चालू सत्र में निजी सुरक्षा विषय की पढ़ाई जारी रख सकेंगे।
समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय ने इस संबंध में स्कूल शिक्षा निदेशक को पत्र जारी किया है। इसमें व्यावसायिक विषयों और प्रशिक्षकों के युक्तिकरण को लेकर सीबीएसई से मिले स्पष्टीकरण के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य स्कूलों में चल रहे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को नए विकल्पों के अनुरूप व्यवस्थित करना है।
दूरसंचार और प्लंबरिंग की जगह आएंगे नए विकल्प
प्रस्ताव के अनुसार दूरसंचार विषय की जगह इलेक्ट्रॉनिक तकनीक शुरू की जा सकती है। सीबीएसई ने इलेक्ट्रॉनिकी एवं हार्डवेयर को भी दूरसंचार के विकल्प के रूप में प्रासंगिक बताया है। इसी तरह प्लंबरिंग की जगह भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी शुरू करने की योजना है। इस तकनीक में स्थान से जुड़ी जानकारी जुटाने, उसका विश्लेषण करने और नक्शों के माध्यम से उसे समझने जैसे कौशल शामिल होते हैं।
नौवीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूल में उपलब्ध दूसरे व्यावसायिक विषयों में से विकल्प चुनने होंगे। कौन-से विषय उपलब्ध होंगे, यह संबंधित स्कूल में संचालित पाठ्यक्रम पर निर्भर करेगा। इस तरह विद्यार्थियों को अपने स्कूल में उपलब्ध विकल्पों के अनुसार व्यावसायिक विषय चुनना होगा।
नए पाठ्यक्रम के साथ पुराने प्रशिक्षकों को भी मौका
विषयों में बदलाव के साथ व्यावसायिक प्रशिक्षकों की योग्यता को लेकर भी सीबीएसई ने स्थिति स्पष्ट की है। बोर्ड के अनुसार, यदि राज्य सरकार संतुष्ट है कि पहले से कार्यरत प्रशिक्षकों के पास आवश्यक कौशल है और वे नए पाठ्यक्रम के अनुरूप विद्यार्थियों को पढ़ा सकते हैं, तो उन्हें संबंधित विषयों में काम जारी रखने की अनुमति देने पर बोर्ड को कोई आपत्ति नहीं है। इस व्यवस्था से नए विषय लागू होने के दौरान मौजूदा प्रशिक्षकों को राहत मिलने की संभावना है। हालांकि, उन्हें नए पाठ्यक्रम के अनुरूप पढ़ाने में सक्षम मानने के संबंध में राज्य सरकार को संतुष्ट होना होगा।
निजी सुरक्षा में नौवीं और 11वीं के विद्यार्थियों को बदलना होगा विषय
निजी सुरक्षा विषय को बंद करने की योजना में कक्षा के अनुसार अलग व्यवस्था रखी गई है। दसवीं और 12वीं के विद्यार्थी चालू शैक्षणिक सत्र में इसी विषय के साथ पढ़ाई जारी रख सकेंगे। दूसरी ओर, नौवीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूल में उपलब्ध अन्य व्यावसायिक विषयों में स्थानांतरित किया जाएगा। निजी सुरक्षा विषय अगले शैक्षणिक सत्र से बंद किया जा सकता है।
कौशल विकास और कौशल बोध भी शुरू करने की तैयारी
व्यावसायिक शिक्षा के तहत कौशल विकास और कौशल बोध शुरू करने की भी तैयारी है। इनके संचालन के लिए दिशा-निर्देश और मानक संचालन प्रक्रिया बाद में जारी की जाएगी। शिक्षा विभाग को सीबीएसई से मिले स्पष्टीकरण के आधार पर विषयों में बदलाव और प्रशिक्षकों के युक्तिकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया है।

