सुक्खू सरकार ने दी राहत, विधवा-एकल महिला के लिए एनुअल इन्कम 50 हजार से बढक़र अब 75 हजार रुपए
हिमखबर डेस्क
हिमाचल सरकार ने विधवा, निराश्रित और एकल महिलाओं को आंगनबाड़ी में नियुक्ति के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए वार्षिक आय सीमा बढ़ा दी है। आंगनबाड़ी में नियुक्ति के लिए विधवा, निराश्रित और एकल महिलाओं की आय सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपए कर दी है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश की प्रगति और समाज के विकास में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का योगदान अतुलनीय है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं बच्चों के पोषण, प्रारंभिक देखभाल तथा महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को जमीनी स्तर पर पहुंचाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उनके योगदान और मान-सम्मान को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने उनके मासिक मानदेय में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू के अनुसार सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय 10,500 रुपए से बढ़ाकर 11,500 रुपए कर दिया है। इसी तरह आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय 5,800 रुपए से बढ़ाकर 6,800 रुपए किया गया है।
इस बढ़ोतरी से कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को हर महीने एक हजार रुपए अतिरिक्त मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में विधवा, निराश्रित एवं एकल महिलाओं को आंगनबाड़ी में नियुक्ति के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए वार्षिक आय सीमा में भी बढ़ोतरी की गई है।
पहले इसके लिए वार्षिक आय सीमा 50,000 रुपए थी, जिसे बढ़ाकर 75,000 रुपए कर दिया गया है। इस निर्णय से निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करने वाली अधिक जरूरतमंद महिलाओं के लिए नियुक्ति के अवसरों का दायरा बढ़ेगा। विशेष रूप से विधवा, निराश्रित और एकल महिलाओं को रोजगार प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है।
मुख्यमंत्री सुक्खू बोले, महिला रोजगार पर काम कर रही सरकार
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इन फैसलों का उद्देश्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के योगदान को सम्मान देना तथा जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। सरकार महिलाओं के कल्याण और उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास कर रही है।

