हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार की कवायद तेज हो गई है, गगल से 22 प्रमुख सरकारी संस्थानों को शिफ्ट करने की योजना से जुड़ी अहम जानकारी जानें।
शाहपुर – नितिश पठानियां
कांगड़ा एयरपोर्ट के बहुप्रतीक्षित विस्तार की कवायद अब धरातल पर तेज हो गई है। इस परियोजना के आकार लेने के साथ ही कांगड़ा जिला के कई महत्त्वपूर्ण इलाकों का भूगोल बदलने जा रहा है। एयरपोर्ट की नई सीमाओं की जद में आ रहे 22 प्रमुख सरकारी और सार्वजनिक भवनों को दूसरी जगह शिफ्ट करने का ब्लूप्रिंट प्रशासन ने तैयार कर लिया है। इन भवनों में कई पंचायतों के स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, पुलिस स्टेशन और अन्य महत्त्वपूर्ण प्रतिष्ठान शामिल हैं, जिनसे रोजाना हजारों लोगों का सीधा वास्ता पड़ता है।
विस्तार प्रक्रिया के तहत कुठमा, रछियालू, सनौरा, गगल और झिकली इच्छी पंचायतों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। बच्चों की पढ़ाई और लोगों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन सनौरा और झिकली इच्छी के सीनियर सेकेंडरी स्कूलों, गगल के प्राइमरी स्कूल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को नई जगह पर पूरी सुविधाओं के साथ स्थापित करेगा।
इन पंचायतों से शिफ्ट होंगे भवन
पंचायत कुठमा (गांव-जुगेहड़) में महिला मंडल भवन, सरकारी स्कूल, मछली का तालाब, पशु चिकित्सालय, लोक निर्माण विभाग पीडब्ल्यूडी का स्टोर और पटवार पटवार घर। इसके अलावा पंचायत गगल (गगल खास) से पुलिस स्टेशन, स्कूल (प्राइमरी), आंगनबाड़ी सेंटर-2, आयुर्वेदिक औषधालय, पटवार घर शिफ्ट होंगे।
इसी तरह पंचायत झिकली इच्छी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल (सीनियर सेकेंडरी), स्कूल (प्राइमरी), पंचायत भवन, किसान भवन (बरवालकर) सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता सोसायटी लिमिटेड, अमित मेमोरियल क्लब (वर्तमान पशु चिकित्सालय -बरसलकर), गुरु रविदास भवन (बाघ) शामिल हैं। जबकि पंचायत सनोरा व रछियालू से स्कूल (सीनियर सेकेंडरी)-सनोरा, कुंआं-भडोत (पंचायत रछियालू), कुंआं- रछियालू (पंचायत रछियालू) शामिल हैं।
पीडब्ल्यूडी स्टोर और पटवार घर नई जगह
गगल खास का थाना पुलिस स्टेशन और पटवार घर भी नए पते पर नजर आएंगे। झिकली इच्छी का पंचायत भवन, किसान भवन और सहकारी विपणन सोसायटी को भी विस्थापित किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी स्टोर और पशु चिकित्सालयों को भी नई जगह दी जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जिन 22 संपत्तियों को शिफ्ट किया जा रहा है, उनके लिए उपयुक्त भूमि और बजट का प्रावधान किया जा रहा है।

