चम्बा – भूषण गुरुंग
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में चम्बा-बनीखेत-चौहड़ा मार्ग पर 30 मई को रहस्यमयी हाल में लापता हुआ युवक मिल गया है। परिजनों ने युवक की हत्या की आशंका जताई थी लेकिन मामले में अब चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
पहले कहा जा रहा था पिकअप दुर्घटना का शिकार हो गई है और चालक डैम में समा गया है लेकिन अब मामले में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस जांच में पता चला है कि चालक ने भारी कर्ज से बचने के लिए खुद ही लापता होने की साजिश रची थी।

जानकारी के अनुसार, 30 मई को मुर्गे लेने जा रही एक पिकअप गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे की सूचना अगले दिन मिली, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
तलाशी अभियान के दौरान सड़क किनारे चालक की चप्पल और वाहन की स्टेपनी लगभग 100 मीटर दूर बरामद हुई थी। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को खाई से निकाल लिया गया, लेकिन चालक का कोई सुराग नहीं मिला।

चालक के लापता रहने से मामला और अधिक रहस्यमय हो गया। परिजनों ने प्रशासन और पुलिस के समक्ष हत्या की आशंका जताते हुए गहन जांच की मांग की। इसके बाद प्रशासन ने व्यापक सर्च अभियान चलाया और खोजी दलों की भी मदद ली, लेकिन चालक का पता नहीं चल सका।
इसी बीच चालक को जानने वाले कुछ लोगों ने उसे एक स्थान पर लगे सीसीटीवी कैमरे में देखे जाने की सूचना पुलिस को दी। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चालक को बरामद कर लिया और उसे पूछताछ के लिए थाना बनीखेत लाया गया।
वाहन चालक की पहचान जिला चंबा के किहार क्षेत्र के डांड गांव के 22 वर्षीय युवक तौफीक भट्ट के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान चालक ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि उसे ऑनलाइन गेमिंग की लत लग गई थी और इस कारण उस पर लाखों रुपये का कर्ज हो गया था।

कर्ज और आर्थिक दबाव से परेशान होकर उसने दुर्घटना के बाद खुद को लापता दिखाने की योजना बनाई थी, ताकि वह अपने ऊपर चढ़े कर्ज और अन्य जिम्मेदारियों से बच सके।
एसपी चंबा विजय सकलानी के बोल
एसपी चंबा विजय सकलानी ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि चालक ने स्वयं ही लापता होने की साजिश रची थी। एसपी ने बताया कि युवक के भाई को भी उसकी प्लानिंग की जानकारी थी लेकिन उनसे कुछ नहीं बताया। अब उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा। एसपी ने बताया कि युवक पर ऑनलाइन गेम खेलने की वजह से काफी कर्जा हो गया है और इसलिए उसने यह सब किया।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों और युवाओं को ऑनलाइन गेमिंग की लत से बचाएं, क्योंकि कई बार यह लत लोगों को आर्थिक संकट में धकेल देती है और वे गलत कदम उठाने पर मजबूर हो जाते हैं।
इस खुलासे के बाद जहां पुलिस ने राहत की सांस ली है, वहीं यह मामला ऑनलाइन गेमिंग के बढ़ते दुष्प्रभावों और उससे पैदा होने वाले आर्थिक व सामाजिक संकट की गंभीर चेतावनी बनकर सामने आया है।

