खुशखबरी! हिमाचल में क्रेच वर्कर और हेल्पर के 304 पदों पर भर्ती, 10वीं पास महिलाएं कर सकेंगी आवेदन

--Advertisement--

मिशन शक्ति के तहत 304 क्रेच पदों पर भर्ती, 18-35 आयु वर्ग की महिला अभ्यर्थी ही पात्र, पालना योजना से कामकाजी माताओं को मिलेगी मदद।

हिमखबर डेस्क 

प्रदेश में मिशन शक्ति के अंतर्गत पालना योजना के तहत संचालित होने वाले क्रेच केंद्रों में 152 क्रेच वर्कर और 152 क्रेच हेल्पर के पद भरे जाएंगे। क्रेच वर्कर व हेल्पर के 304 पदों की भर्ती के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गई है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार केवल महिला अभ्यर्थी जिनकी आयु 18 से 35 वर्ष होगी, वही इसके लिए पात्र होंगी।

इसके लिए वार्षिक पारिवारिक आय 50,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। अनुभव को वरीयता देने के साथ संबंधित फीडर क्षेत्र की स्थायी निवासी होनी चाहिए।

क्रेच वर्कर के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता जमा दो और मासिक मानदेय 3900 रुपये, क्रेच हेल्पर के न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं (जरूरत पड़ने पर सातवीं तक छूट) मानदेय 2,250 रुपये निर्धारित किया है।

आंगनबाड़ी हेल्पर को 750 रुपये अतिरिक्ति

इस कार्य के लिए आंगनबाड़ी वर्कर को 1500 रुपये अतिरिक्त, जबकि आंगनबाड़ी हेल्पर को 750 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। यह एसओपी महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा जारी मिशन शक्ति-पालना योजना के दिशानिर्देशों के अनुरूप है और लागू होगी।

पालना योजना का मुख्य उद्देश्य कामकाजी माताओं के बच्चों के लिए सुरक्षित डे-केयर सुविधा उपलब्ध करवाना है। प्रदेश में 15वें वित्त आयोग के तहत क्रेच केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

अधिकतर क्रेच केंद्रों को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ा जाएगा। बच्चों को तीन समय का पौष्टिक भोजन (नाश्ता, दोपहर का भोजन, शाम का नाश्ता) उपलब्ध करवाया जाएगा। बच्चों का आधार पंजीकरण व रिकार्ड अनिवार्य होगा।

ये रहेगी भर्ती प्रक्रिया

का मुख्य ढांचा चयन समिति के अध्यक्ष एसडीएम होंगे। बाल विकास परियोजना अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया है। चयन मेरिट के आधार पर होगा जिसमें 25 अंक निर्धारित हैं। आवेदन के लिए 20 दिन का समय दिया है। परिणाम उसी दिन घोषित होगा। प्रत्येक चयनित के साथ एक प्रतीक्षा सूची जो छह माह तक वैध होगी।

पहली अपील 45 दिन में उपायुक्त के पास होगी। यह नियुक्ति मानदेय आधारित और अस्थायी होगी। नियमित सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलेगा। नियुक्ति के बाद प्रशिक्षण अनिवार्य, एक वर्ष में जाब ट्रेनिंग पूरी करनी होगी। दो बार असफल होने पर स्वयं के खर्च पर प्रशिक्षण करना होगा।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

HIMTECH Learn and Earn Skills Academy को Skill India से बड़ी उपलब्धि, आवेदन ऑटो अप्रूव

हिमाचल प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास की दिशा...

हिमाचल में चिट्टा तस्कर पर बड़ा एक्शन, डमटाल में 48 लाख की संपत्ति जब्त

हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई जारी...