हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने सबसे ज्यादा मंडी जिले में तबाही मचाई है। बादल फटना, फ्लैश फ्लड और भारी बारिश से आई बाढ़ में कई लोगों की जान चली गई तो कई लोगों के घर जमींदोज हो गए। वहीं, सराज विधानसभा क्षेत्र में 30 जून को आई आपदा के बाद बंद से क्षेत्र में सभी स्कूल बंद थे, जिसे आपदा के 14 दिनों बाद आज यानी 14 जुलाई को फिर से खोल दिए गए।
सोमवार को सराज घाटी के 9 स्कूलों को छोड़कर बाकी सभी स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों को खोल दिया गया है। सराज क्षेत्र के 9 स्कूलों को अभी तक बंद रखा गया है। यह वे स्कूल हैं, जहां पर बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है और इन्हें सुचारू करने में अभी समय लग सकता है। इन स्कूलों में खबलेच, बखलवार, बन्याड़, निहरी सुनाह, भलवार, रूहाड़ा, भुलाह, लामसाफड और नरैणधार का स्कूल शामिल है।
बता दें कि सराज घाटी में प्राइमरी, मिडल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की संख्या लगभग 100 है, इनमें से 9 स्कूलों को छोड़कर बाकी सभी स्कूलों को खोल दिया गया है। वहीं, आज विद्यालय खुलने पर पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भी बगस्याड़ स्कूल पहुंचे और बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों का हौंसला बढ़ाया और उन्हें खूब मेहनत करके आगे बढ़ने का संदेश दिया।
पूर्व सीएम जयराम ठाकुर के बोल
पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि 30 जून को आई आसमानी आफत की वजह से सराज घाटी में बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है, लेकिन अब समय आ गया है कि इस चुनौती से पार पाते हुए आगे बढ़ें। इसलिए सभी व्यवस्थाओं को धीरे-धीरे सुचारू किया जा रहा है।
14 दिन बाद स्कूल खुलने से छात्रों में खुशी
14 दिनों के बाद सराज क्षेत्र के स्कूल खुलने से बच्चों में खुशी का माहौल है। स्कूली छात्रा कृतिका और छात्र शशांक ठाकुर ने कहा, “इतने लंबे समय के बाद स्कूल खुलने की खुशी तो है, लेकिन आपदा के कारण स्कूलों की जो हालत हो गई है, उसे देखकर दुख भी हो रहा है। इस आपदा ने स्कूलों को भी बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।