मां का शव तो मिल गया, पर बच्चे अब भी लापता, त्रासदी से ठीक एक दिन पहले बनाई थी रील

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मां का शव तो मिल गया, पर बच्चे अब भी लापता, त्रासदी से ठीक एक दिन पहले बनाई थी रील।

शिमला – नितिश पठानियां 

रामपुर के समेज में बच्चों के साथ लापता हुई कल्पना का शव आखिकार मिल गया है, लेकिन कल्पना के दोनों बच्चे अब भी लापता हैं, जो हादसे की काली रात को उसके साथ ही थे।

शुक्रवार को समेज त्रासदी के बाद चल रहे सर्च ऑपरेशन में नोगली में एक महिला का शव बरामद हुआ। रेस्क्यू टीम ने शव को कब्जे में ले लिया और शव की पहचान कल्पना कुमारी पत्नी जयसिंह के तौर पर हुई।

कल्पना ग्रीनको हाइड्रो प्रोजेक्ट में कार्यरत थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए रामपुर अस्पताल भेजा गया। कल्पना के दोनों बच्चे अभी भी लापता हैं।

ये शव मिलने के साथ ही कल्पना के पति की वह उम्मीद भी दम तोड़ गई कि मां और बच्चे जिंदा मिल सकते हैं। 31 जुलाई को इस त्रासदी से ठीक एक दिन पहले कल्पना ने सोशल मीडिया पर एक रील बनाई थी, जो काफी वायरल भी हुई, जिसमें उन्होंने मैसेज दिया था कि मौत कभी भी आ सकती है।

तब कल्पना को ये पता नहीं था कि सोशल मीडिया पर रील की घटना उनकी रियल लाइफ भी घट जाएगी। सोशल मीडिया पर उनके बहुत से वीडियो हैं जिसमें वह अपने दो छोटे बच्चों के साथ नजर आ रही है।

अब कल्पना के परिवार में केवल उनके पति जयसिंह बचे हैं। कल्पना यहां ग्रीनको हाइड्रो प्रोजेक्ट में बतौर अकाउंटेट कार्यरत थी और किराए के कमरे में रहती थी।

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