हिमाचल के मंडी जिले में सराज विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत अनाह में मूसलाधार बारिश के कारण नाले में बाढ़ आ गई। मलबे में कार और बाइकें दब गई।
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की एंट्री के बाद कम बारिश हुई है, लेकिन कुछ स्थानों पर जमकर पानी बरस रहा है. मंडी के सराज में नाले में बाढ़ आने से कुछ गाड़ियां दब गईं, जबकि चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर दो जगह धंसाव से हाईवे बंद होने का खतरा मंडरा रहा है.

जानकारी के अनुसार, लेह मनाली हाईवे को एक दिन के लिए बंद किया गया है. यहां पर सरचु के पास हिमाचल लद्दाख को जोड़ने वाले पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसे रिपेयर किया जा रहा है. 4 जुलाई को हाईवे बहाल होगा.

दरअसल, पंडोह में केंची मोड पर डंगा लगाकर नेशनल हाइवे बहाल किया ग. था. लेकिन अब यहां पर डंगे के ऊपर हाईवे धंसने लगा है. हाईवे पर दरारें पड़ना शुरू हो गई हैं और धीरे-धीरे बढ़ रही हैं. मंगलवार रात को भारी बारिश के कारण बुधवार को यहां पर भयावह मंजर देखने को मिला.

हिमाचल प्रदेश में बीती रात को कई जगह मूसलाधार बारिश हुई है और इस वजह से मंडी जिले की सराज विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत अनाह में नाले में बाढ़ आ गई. मूसलाधार बारिश और नाले में बाढ़ से यहां पर मलबा घर में घुस गया और कुछ कारें भी दब गई.

मौसम विभाग ने बुधवार सुबह बुलेटिन जारी किया है और इसमें बताया कि बीती रात को मंडी के कटौला में 154.4 एमएम बरसात हुई है. इसके अलावा, पंडोह में 106 एमएम, हमीरपुर के सुजानपुर टीहरा में 80 एमएम, गोहर (मंडी) 55, चंबा के जोत में 54, धर्मशाला में 48 एमएम, मंडी में 34 और शिमला के मशोबरा में 45 एमएम पानी बरसा है.

हिमाचल में मॉनसून की शुरुआत में ही चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे धंसने लगा है. पंडोह डैम के पास नेशनल हाईवे पर दरारें आ गई हैं. लगभग 40 करोड़ की लागत से यहां पर विशालकाय डंगा लगाया गया था और करीब आठ महीने बाद चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाइवे बहाल हुआ था. लेकिन अब दोबारा हाईवे पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं.

हालांकि, मौसम विभाग का मानना है कि हिमाचल में मॉनसून कमजोर हुआ है. हालांकि, प्रदेश में भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. लेकिन एक सप्ताह के दौरान सामान्य से 32 फीसदी कम और पूरे जून माह में सामान्य से 49 फीसदी कम बादल बरसे हैं.

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में पश्चिमी विक्षोंभ की सक्रियता में कमी आई है, जिससे हिमाचल में तेज हवाएं नहीं आ रही है और प्रदेश में कुछ स्थानों पर ही बारिश हो रही है.

उन्होंने बताया कि आगामी 48 घंटों में प्रदेश में कुछ स्थानों पर मानसून की सक्रियता में बढ़ोतरी होगी. 5 से 6 जुलाई के दौरान प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और बढ़ेगी. उन्होंने बताया कि जून महीने में 101 मिमी बारिश हुई है जो की 49 फ़ीसदी कम है. इस बार बरसात के सामान्य बरसाने की संभावना है.

हिमाचल प्रदेश में अब बारिश की वजह से नदी नालों का पानी बढ़ने लगा है. मंडी में ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ा है और प्रशासन ने लोगों को नदी नालों के पास ना जाने की अपील की है.

