उप चुनाव में प्रत्याशी बनाने से लेकर पार्टी में इनकी भूमिका पर होना है फैसला, जल्द ही भाजपा का हाथ थाम सकते हैं ये नेता, हाईकमान में हो रही है चर्चा
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल के 6 बागी विधायकों का फैसला अब भाजपा नेतृत्व के हाथ में है। इनमें से कितने नेताओं को भाजपा उपचुनाव में प्रत्याशी बनाती है या फिर लोकसभा में किसी को प्रत्याशी के तौर पर अजमाती है। इस पर सब की नज़रें टिकी है।
उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अब सवाल उठने लगे है। भाजपा के नेता और नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने कहा कि इन लोगों ने काफी जलालत सहने के बाद राज्यसभा के चुनावों में खुला साथ भाजपा का दिया है।
इन विधायकों ने खुद को कांग्रेस में महफूज नहीं समझा तो पार्टी के एजेंट को दिखाकर पार्टी के खिलाफ राज्यसभा चुनाव में वोट डाला है। पार्टी हाईकमान इस पर चर्चा कर रही है। भाजपा में उनके आने या उन्हें चुनाव में उतारने पर पार्टी हाईकमान ही फैसला लेगा।
भाजपा एक परिवार है, जब परिवार में कुछ लोग आ जाते हैं तो उनके नाराजगी परिवार के भीतर बैठकर ही सुलझा ली जाती है। इन्हें पार्टी में कब शामिल करना है, क्या इनकी भूमिका होगी। इन सभी मसलों पर चर्चा की जा रही है। पार्टी हाईकमान इनके स्वाभिमान से लेकर हर प्रकार का ध्यान रखते हुए फैसला लेगी।
सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली विधायकों को राहत
बता दें कि हिमाचल में हुए राज्यसभा चुनाव के बाद एक बड़ा ही राजनीतिक घटनाक्रम चला है। इसके बाद ही 6 विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष ने अयोग्य घोषित कर दिया है। उन्हें अभी तक देश की सर्वोच्च अदालत से भी कोई राहत नहीं मिली है। उनका मामला अभी तक विचारधीन है।
सर्वोच्च न्यायालय ने ही इस पर अभी तक रोक लगाई है न ही उन्हें विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने की छूट दी गई है। ऐसे में उपचुनाव में क्या ये पार्टी के प्रत्याशी होंगे या फिर इनकी भूमिका पार्टी में कुछ ओर रहेगी।
इसको लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे है। इस पर नेता जयराम ठाकुर ने प्रेस वार्ता में पूछे गए सवाल के बाद स्थिति को साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि हाई कमान उनकी भूमिका पर गंभीरता से विचार कर रहा है। जल्द ही इस पर फैसला होगा।

