रेहड़ी फहड़ी यूनियन ने घेरा निगम कार्यालय, उपायुक्त को दिया ज्ञापन

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रेहड़ी फहड़ी यूनियन ने घेरा निगम कार्यालयअंदर बैठक और बाहर लगे नारे,उपायुक्त को भी दिया ज्ञापन, आपदा में बेघर हुए राजू को भी नहीं दिया लाइसेंस, शिवरात्रि से पहले लंबित काम पूरा करने का अल्टीमेटम नहीं तो मुख्यमंत्री के सामने 9 मार्च को करेंगे प्रदर्शन

मंडी – अजय सूर्या

मंडी नगर निगम क्षेत्र में रेहड़ी फहड़ी वालों की लंबे अरसे से पैंडिंग मांगो को पूरा न करने के विरोध में आज निगम कार्यालय में हुई निगम की बैठक में मेयर, पार्षदों और अधिकारियों का घेराव किया और जोरदार नारेवाजी की जिसके चलते मेयर और कमिश्नर को मीटिंग से उठ कर बाहर आना पड़ा और उन्हें मांगे जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया।

उग्र प्रदर्शन के माध्यम से निगम को लंबित मांगे एक सप्ताह में पूरा करने का अल्टीमेटम दिया। उसके बाद उपायुक्त मंडी को भी निगम की कार्यप्रणाली बारे ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू के ज़िला प्रधान भूपेंद्र सिंह महासचिव राजेश शर्मा यूनियन के प्रधान सुरेंद्र कुमार, प्रवीण कुमार, दीपक, मनी राम,राजू, चन्द्रशेखर,दिनेश, निर्मला, रोशन, सिकन्दर,रेहाना, बिमला के अलावा डीवाई एफ आई के अध्यक्ष सुरेश सरवाल ने इत्यादि ने किया जिसमें दो सौ रेहड़ी मज़दूरों ने हिस्सा लिया।

यूनियन प्रधान सुरेंद्र कुमार ने बताया कि मंडी नगर निगम में क्षेत्र में लगभग तीन सौ रेहड़ी फहड़ी मज़दूर अपनी आजीविका कमाने का काम लम्बे अर्से से करते हैं और दर्ज़नों सीज़नल वेंडर्ज भी यहां समय समय पर आते हैं। जिन्हें स्ट्रीट बेंडर क़ानून 2014 के अनुसार पंजीकृत करना उन्हें लाइसेंस जारी करना तथा बेंडिंग स्थानों का चुनाव करके उन्हें आवंटित करने तथा सभी पहचान पत्र तथा नाम पटीकाएँ जारी करने का काम निगम को करना था।

गुजराती मार्केट के लिए गेट व शौचायल की सुविधा पँचवख्तर समुदाय के वेंद्रज को पहचान पत्र देने तथा पड्डल पार्किंग में लाईनें लगाने से उतपन्न हुई समस्याओं का हल करने और रेहड़ियों के बीच में जगह खाली छोड़ने के लिए दोबारा से लाईनें लगाने की मांग यूनियन ने की थी। लेकिन गत वर्ष जून माह से अब तक टाउन वैंडिंग कमेटी की 5 बैठकें तथा सात बार यूनियन द्धारा अलग अलग समय पर माँगपत्र देने और उस समय लंबित कामों को जल्द पुरा करने बारे समझौता वार्ता होती रही है।

यही नहीं निगम के नये मेयर से भी जनवरी से अंत में इस बारे बात हुई है। लेकिन हर बार इन कामों को पूरा करने के लिए एक सप्ताह या दस दिन का समय निर्धारित किया जाता है लेकिन ये अभी तक भी लागू नहीं किये जा रहे हैं।हालांकि रेहड़ी वालों ने निगम को गत वर्ष 30 लाख रुपये तहबाजारी अदा की है लेक़िन उन्हें सुविधा उपलब्ध कराने में निगम कुछ भी नहीं कर रही है।जिसके कारण आज यूनियन ने निगम कार्यालय का घेराव किया।

यूनियन और निगमायुक्त तथा अन्य अधिकारियों की पिछली बैठक 8 दिसंबर को हुई थी जिसमें 31 दिसंबर तक ये सभी लंबित काम पूरा करने की समय सीमा तय की गई थी। लेकिन दो महीने बाद इस कार्य के लिए गठित उप समिति ने फ़िर से स्पॉट विज़िट किया और सभी कामों को 22 व 31 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है साथ ही विधायक के दबाब में कुछ जगह से रेहड़ियों को हटाने के मकसद से 5 मार्च को मीटिंग निर्धारित कर दी है।

15 जून को सर्वेक्षण व वैंडिंग क्षेत्रों की अधिसूचना जारी की गई थी और उसमें दस ऐसे रेहड़ी धारक हैं जो बीस साल से यहां रेहड़ी लगा रहे हैं उनके नाम उसमें नहीं थे और उन्हें लाइसेंस अभी तक भी जारी नहीं हो रहे हैं।जिनमें गोबिंद राम उर्फ़ राजू ऐसा व्यक्ति भी शामिल है जिसका मकान अगस्त माह में हुई त्रासदी में बह गया था और वह बेघर हो गया है उसे भी कम्मिशनर लाइसेंस जारी नहीं कर रहे हैं जो उनका बहुत ही असवेंदनशील और गैरजिम्मेदाराना काम हैं।

लंबित लाइसेंस हस्ताक्षरित करने में 5 मिनट से भी कम का समय लगेगा लेक़िन जानबूझकर ये सभी काम वे नहीं कर रहे हैं।स्टेट बैंक के बाहर गेट बनाने का काम शुरू कर दिया गया है लेकिन वहां पर फहड़ी लगा कर सब्जी बेचने वालों को लाइसेंस जारी नहीं किये जा रहे हैं।

धीरे धीरे पहले से चयनित वैंडिंग स्थानों को रद्द करने के लिए प्रस्ताव लाये जाते हैं जिसमें पहले सकोढी पुल से 15 रेहड़ियों को हटाने का फ़ैसला लिया गया था जिसके चलते यूनियन ने हाई कोर्ट से सटे लिया है।उसके बाद अशोका ढाबे के सामने से मछ्ली बेचने वालों को हटाया गया और अब आयी टी आई गेट के सामने से रेहड़ियों को हटाने का प्रस्ताव रखा है।

ऐसा ही प्रस्ताव एचडीएफसी बैंक के सामने गेट पर से भी रेहड़ियों को हटाने का प्रस्ताव लाया जा रहा है।इस तरह से निगम के चुने हुए पदाधिकारी व अधिकारी शहर के भीतर से रेहड़ियों को हटाने की सोची समझी रणनीति पर काम कर रहे हैं और ये सब वे यहां के विधायक अनिल शर्मा के दबाब व इशारे पर कर रहे हैं।

जिसका यूनियन कड़ा विरोध करेगी और सभी रेहड़ी फहड़ी धारकों की रोज़ी रोटी की रक्षा करने के लिए सँघर्ष तेज करेगी। यूनियन ने पहले 30 जनवरी फ़िर 16 फ़रवरी और फ़िर 25 फ़रवरी तक लंबित मामलों को निपटाने का अल्टीमेटम दिया था लेकिन कोई सुनवाई न होने पर आज प्रदर्शन करना पड़ा।

सीटू ज़िला प्रधान व मज़दूर कल्याण बोर्ड के सदस्य भूपेंद्र सिंह ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर कमिश्नर व कर्मचारी सभी लंबित काम 7 मार्च तक पूरा नहीं करेंगे तो वे 9 मार्च को शिवरात्री महोत्सव का उद्घाटन करने आ रहे मुख्यमंत्री के सामने प्रदर्शन करेंगे।इसलिये यूनियन उन्हें लंबित सारे काम तब तक पूरा करने का समय दे रही है अन्यथा विरोध व परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे।

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