पौंग झील किनारे राजनीतिक दवाब के कारण वन्य प्राणी विभाग प्रतिबन्ध के बाद भी करवा रहा खेती

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ज्वाली – अनिल छांगू

पौंग झील किनारे खाली जमीन पर प्रतिबन्ध के बाद खाली जमीन पर साधन संपन्न लोगों द्वारा खेती होने पर पर्यावरणविद एवं पक्षीप्रेमी मिलखी राम शर्मा ने वन्य प्राणी विभाग कर खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।

मिलखी राम शर्मा ने कहा कि पौंग झील किनारे राजनीतिक दवाब के कारण वन्य प्राणी विभाग द्वारा प्रतिबन्ध के बाद भी खेती करवाई जा रही है तथा वन्य प्राणी विभाग साधन संपन्न लोगों के हाथों की कठपुतली बन गया है।

उन्होंने कहा कि खेती होने से प्रवासी पक्षियों व बेसहारा पशुओं पर काफी अत्याचार हो रहा है। बेसहारा पशुओं को बाहुबली डंडों व पत्थरों से मार रहे हैं तथा प्रवासी पक्षियों का शिकार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बेसहारा पशुओं को तारबंदी करके बन्द किया जा रहा है तथा गायें भूखी प्यासी ठंड में मर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी बाहुबलियों को कह रहे हैं कि चालान कटवा लो और खेती कर लो।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की सरेआम वन्य प्राणी विभाग द्वारा धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मुद्दे को दोबारा से हाईकोर्ट में उठाया जाएगा तथा अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ याचिका दर्ज करवाई जाएगी।

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