हिमखबर डेस्क
प्रदेश में क्रशर प्लांट से निकलने वाली निर्माण सामग्री के दाम तय किए जाएंगे जिससे मनमाने दाम पर रेत और बजरी न खरीदनी पड़े। यह बात शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने धर्मशाला में आयोजित पत्रकारवार्ता में कही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द आगामी मंत्रिमंडल की बैठक में इस दिशा में निर्णय लेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इसके बारे में आश्वस्त किया है। प्रदेश में इस साल आई आपदा के कारण प्रदेश सरकार ने नदी के किनारे स्थापित क्रशरों को बंद कर दिया था।
इससे जो क्रशर चल रहे थे, उनके संचालकों ने महंगे दाम पर रेत-बजरी बेचकर चांदी कूटी। अब नियमों को पूरा करने वालों क्रशरों को खोलने की प्रदेश सरकार ने मंजूरी प्रदान कर दी है।
क्रशरों के खुलने के बाद भी वर्तमान में महंगे दाम पर रेत-बजरी बेची जा रही है। एक क्रशर पर कुछ तो दूसरे पर कुछ दाम पर तय किए गए हैं। सीमेंट के दाम पहले ही काफी बढ़ चुके हैं। निर्माण सामग्री महंगी होने के कारण लोगों को घर बनाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अगर प्रदेश सरकार रेत और बजरी के दाम निर्धारित करती है तो मध्य वर्ग को इससे बड़ी राहत मिल सकती है। निजी और सरकारी ठेकेदारों को भी महंगी सामग्री के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

