कोटला – व्यूरो रिपोर्ट
पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर हिमाचल और पंजाब को जोड़ने वाला चक्की का पुल अवैध खनन की मार के चलते यातायात के लिए पिछले एक साल से बंद है, वहीं कोटला में देहर खड्ड पर बना हुआ नया पुल एवं पुराना ऐतिहासिक पुल खनन की मार के चलते कमजोर होता जा रहा है।
अवैध खनन के चलते इस बार देहर खड्ड ने अपना बहाव बदल लिया है। देहर खड्ड भी पहले से लगभग एक मीटर गहरी हो गई है। इन दोनों पुलों के पहले स्पैन पर बनाई गई दीवारों में पानी जा रहा है, जो कि इनकी नींव को कमजोर कर रहा है।
पुराने ऐतिहासिक पुल को बचाने के लिए बनाई गई दीवार ढह गई है, जबकि दूसरी तरफ पानी पुल की नींव में जाकर नींव को खोखला कर रहा है। अवैध खनन को लेकर स्थानीय लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। वहीं, सिद्ध शक्तिपीठ माता बगलामुखी मंदिर का रास्ता भी देहर खड्ड की बाढ़ के पानी में बह चुका है।
लोगों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सूक्खू और खनन विभाग से मांग की है कि यहां खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।

खनन माफिया पर कसनी चाहिए नकेल
सरकार को खनन माफिया पर नकेल कसनी चाहिए और कोटला पुल को हो रहे नुकसान से बचाव करना चाहिए। – प्रदीप वर्मा, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष।
अवैध खनन से खड्डें और नदियां हो रहीं खोखली – योगराज मेहरा, प्रदेश भाजपा ओबीसी मोर्चा उपाध्यक्ष।
ओबीसी उपाध्यक्ष योगराज मेहरा ने कहा कि अवैध खनन से क्षेत्र की खड्डें एवं नदियां खोखली होती जा रही हैं। इसकी भरपाई भी इंसान को ही करनी पड़ रही है।

देहर खड्ड में बढ़ रहा तटों का कटाव – केडी हिमाचली, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, क्षेत्रीय संयोजक कोटला
देहर खड्ड में अधिक खनन खड्ड के क्षरण का कारण बन गया है, जो कि देहर खड्ड के तल को गहरा कर रहा है, जिसके कारण तटों का कटाव बढ़ रहा है।
कोटला पुल के बचाव को सरकार को करना होगा जागरूक – स्थानीय व्यवसायी, पवन शर्मा
कोटला पुल के बचाव के लिए सरकार को जागरूक होना पड़ेगा, अन्यथा इसकी हालत भी चक्की पुल की तरह ही होगी, जो कि पिछले एक साल से बंद है और लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
खनन इंस्पेक्टर के बोल
खनन इंस्पेक्टर जेके पुरी ने बताया कि खनन विभाग की ओर से खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
एसपी नूरपुर के बोल
एसपी नूरपुर अशोक रत्न ने कहा कि खनन माफिया के खिलाफ पहले ही कार्रवाई की जा रही है। इस समस्या पर अमल करने हुए प्रशासन की ओर से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

