मूसलाधार बारिश से अचानक बढ़ गया गिरिनदी का जलस्तर
पांवटा साहिब, 10 जुलाई – नरेश कुमार राधे
हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब उपमंडल में राजबन के समीप पांच अनमोल जीवन तकरीबन 48 घंटे से टापू पर फंसे हुए हैं। हालांकि, प्रशासन का मजदूरों से संपर्क हो पा रहा है, लेकिन रेस्क्यू करने की तमाम कोशिशें नाकाम होती नजर आ रही हैं।
जानकारी ये है कि एक स्टोन क्रशर को इंस्टॉल करने के सिलसिले में ये मजदूर टापूनुमा जगह पर गए थे। इसी बीच मूसलाधार बारिश के कारण अचानक ही गिरिनदी का जलस्तर बढ़ गया। चूंकि, ये मजदूर इसी जगह पर रह रहे थे, लिहाजा दो-तीन दिन के खाने की व्यवस्था मौजूद थी।
रविवार को प्रशासन से बातचीत में ऐसा प्रतीत हुआ था कि ये मजदूर खौफजद नहीं हैं, लेकिन सोमवार को बातचीत के दौरान घबराहट महसूस हो रही थी। प्रशासन ने रेस्क्यू की हर मुमकिन कोशिश की है।
अपने स्तर पर तमाम कोशिशें करने के बाद एनडीआरएफ से मदद मांगी गई थी। लेकिन एनडीआरएफ ने भी पानी का बहाव कम होने तक इंतजार करने को कहा है। तीन दिशाओं से इन मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश की गई।
दरअसल, नदी के छोर से टापू तक पहुंचने की दूरी लगभग 300 मीटर बताई जा रही है। इतने लंबे स्पैन में मजदूरों को रस्सी के जरिए भी नहीं निकाला जा सकता।
उल्लेखनीय है कि कुल्लू में एनडीआरएफ की टीम रस्सी के जरिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में सफल हुई थी, लेकिन यहां दूरी अधिक होने के साथ-साथ नदी का बहाव भी तेज है।
सिरमौर प्रशासन इन मजदूरों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उल्लेखनीय है कि पांवटा साहिब प्रशासन भगानी के मेहरूवाला में टापू पर फंसे तीन परिवारों के 32 लोगों को रेस्क्यू करने में सफल रहा है। इसमें तीन महिलाओं समेत दो छोटे बच्चे भी शामिल थे। रेस्क्यू ऑपरेशन में गोताखोरों के अलावा अग्निशमन व पुलिस विभाग के कर्मियों की भी मदद ली गई।
उधर, पांवटा साहिब के डीएसपी मानवेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि राजबन के नजदीक नदी में फंसे 5 लोगों को रेस्क्यू करने की भरसक कोशिश की जा रही है। डीएसपी ने कहा कि नदी में फंसे लोगों से लगातार संपर्क हो रहा है।

