काँगड़ा – राजीव जस्वाल
कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है। ऐसे में अब जल्द ही भूमि अधिग्रहण का काम शुरू हो जाएगा। ड्रोन सर्वे के माध्यम से टेक्रो फिजिबिलिटी रिपोर्ट सरकार को भेजी जा रही है। इसके बाद एक्सपर्ट वायबिलिटी को लेकर अपने सुझाव देंगे।
इसके बाद कांगड़ा हवाई अड्डे की पट्टी से लेकर मांझी खड्ड पर पुल बनाने सहित इसकी लंबाई व चौड़ाई को निकाल कर एयरपोर्ट का पूरा डिजाइन तैयार हो जाएगा। इसी बीच तमाम सारी औपचारिक्ताएं पूरी होते ही ग्राउंड पर काम भी शुरू हो जाएगा।
सुरक्षा व पर्यटन की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माने जाने वाले कांगड़ा एयरपोर्ट का काम अब कागजी प्रक्रिया से बाहर निकल कर जल्द ही धरातल पर उतरता नजर आएगा। हवाई अड्डे के मौजूदा ढांचे सहित नए शामिल किए जाने वाले क्षेत्र की ड्रोन सर्वे से चप्पे-चप्पे को माप लिया गया है।
अब इसकी पूरी डिटेल रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी। इसके बाद भूमि अधिग्रहण का कार्य शुरू होगा और नए शामिल होने वाले एरिया में मांझी खड्ड पर बनने वाले पुल से लेकर तमाम सारे पहलुओं की प्रक्रिया पर भी काम चलाया जा सकेगा।
इस तरह से अब तमाम सारी औपचारिक्ताएं पूरी होने के साथ ही एयरपोर्ट को लेकर चल रही पेपर वर्क की प्रकिया पूरी होते ही जमीनी स्तर पर काम शुरू होने की संभावनाएं है। हालांकि क्षेत्र के लोग अभी उनके री-हैबिलिटेशन की मांग कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को विस्थापित होने वाले क्षेत्र के लोगों, कारोबारियों को बसाने की प्रक्रिया पर काम करना होगा।
पर्यटन विभाग के उपनिदेशक विनय धीमान का कहना है कि सर्वे के बाद फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार होगी, उसी आधार पर काम आगे बढ़ेगा। इस दिशा में प्रयास हो रहे हैं।

