सिविल अस्पताल ज्वाली में एक्स-रे मशीन बनी शोपीस

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दो साल से खराब पड़ी है मशीन, लाखों रुपए खर्च करने के उपरांत भी नहीं मिल रही सुविधा

ज्वाली – अनिल छांगु

उपमंडल ज्वाली में स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर लोगों के साथ छलावा ही किया है। सिविल अस्पताल ज्वाली में लाखों रुपए खर्च करने के उपरांत भी आज गर्भवती महिलाओं और बीमार मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए पठानकोट या दूसरे प्राइवेट अस्पताल में जाकर महंगे दामों पर अल्ट्रासाउंड करवाने पड़ रहे हैं।

सिविल अस्पताल ज्वाली में अल्ट्रासाउंड मशीन होने के बावजूद लोगों को सुविधा नहीं मिल रही है। एक्स-रे मशीन दो साल से खराब पड़ी है। यही हाल उपमंडल के दूसरे अस्पताल का है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरोटा सूरियां की स्वास्थ्य सुविधाएं भी नाममात्र ही हैं।

नगरोटा सूरियां नाम का ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है क्योंकि इसमें सारी सुविधाएं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर की ही हैं। पूर्व सरकार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 50 बिस्तरों का अपग्रेड किया था मगर फिर भी केवल छह बिस्तरों का ही इंतजाम रहा। नगरोटा सूरियां में भी गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

इसके लिए गर्भवती महिलाओं को मेडिकल कालेज टांडा, देहरा, नूरपुर जाना पड़ता है या फिर प्राइवेट हास्पिटल में ही जाना पड़ता है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरोटा सूरियां में सीपीएस नीरज भारती के प्रयासों से लाखों रुपए खर्च करके ब्लड बैंक खोलने की शुरुआत की गई थी और लाखों रुपए की मशीनरी भी विभाग द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरोटा सूरियां में उपलब्ध करवा दी गई थी मगर पूर्व में भाजपा सरकार के आने के बाद लाखों रुपए का प्रोजेक्ट कई सालों से धूल फांक रहा है।

लाखों रुपए खर्च करने के उपरांत एक बूंद भी ब्लड की नगरोटा सूरियां में किसी भी मरीज को उपलब्ध नहीं हो सकी।

अब लोगों को आस जगी है कि ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में प्रोफेसर चंद्र कुमार के आने से स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा और ब्लड बैंक के लिए जो मशीनरी पड़ी है उसकी तरफ सरकार कोई उचित फैसला लेगी ताकि लोगों को जल्द लाभ मिले।

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