
नूरपुर – देवांश राजपूत
उपमंडल नूरपुर के अंतर्गत कंडवाल से भेड़ खड्ड तक बनने वाले पठानकोट-मंडी फोरलेन के करीब 28 किलोमीटर हिस्से का निर्माण कार्य भले ही शुरू हो गया है। लेकिन इस प्रस्तावित सड़क परियोजना की जद में आने वाले आधे से भी ज्यादा प्रभावित परिवार अभी तक मुआवजा राशि मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
फिलहाल ऐसे भवन मालिक असमंजस की स्थिति में हैं कि कब उन्हें मुआवजा राशि मिलेगी और कब प्रभावित परिवार अपने नए आशियाने बसाने का काम शुरू कर सकेंगे। जानकारी के मुताबिक नेशनल हाईवे अथॉरिटी (एनएचएआई) की ओर से नूरपुर उपमंडल में अभी तक महज 43 फीसदी प्रभावितों को ही मुआवजे का भुगतान कर पाया है।
हालांकि स्थानीय प्रशासन प्रभावित परिवारों को दी जाने वाली करीब 91 करोड़ की बकाया मुआवजा राशि की डिमांड कर चुका है, लेकिन एनएचएआई की ओर से अब तक आधे से ज्यादा भवनों की मुआवजा राशि का भुगतान न होने से इस प्रोजेक्ट की हद में आए भवनों को तोड़ने की प्रक्रिया रुक गई है। इससे प्रोजेक्ट के समय पर पूरा होने की तय समय अवधि प्रभावित हो सकती है।
दूसरी तरफ फोरलेन प्रभावितों को एक तो जमीनों का पर्याप्त रेट नहीं मिल पाया। इससे उन लोगों में भारी रोष है और अब भारी संख्या में भवनों का मुआवजा भी रुक गया है। इससे प्रभावित लोग अधर में फंस गए हैं। नूरपुर उपमंडल में लगभग 749 भवन फोरलेन सड़क मार्ग की जद में आए हैं।
प्रशासन ने 725 भवनों की मुआवजा राशि अवार्ड कर दी है और यह मुआवजा राशि लगभग 148 करोड़ 3 लाख 17 हजार बनती है। प्रशासन ने इन अवार्ड भवनों में से 320 भवनों की मुआवजा राशि लगभग 62 करोड़ 71 लाख 33 हजार प्रभावितों के खातों में भेजे दी है।
अब 405 प्रभावितों को मुआवजा राशि देना बाकी है। वह लगभग 85 करोड़ 31 लाख 83 हजार बनती है। वहीं, जबकि 749 भवनों मे से 24 भवनों का अवार्ड होना शेष है, जिससे मुआवजा राशि का आंकड़ा और बढ़ेगा।
अनिल भारद्वाज, एसडीएम, नूरपुर के बोल
लगभग 749 भवनों में से 725 का अवार्ड कर दिया है। इसमें से 320 भवनों की लगभग 62 करोड़ 71 लाख की मुआवजा राशि वितरित कर दी गई है, जबकि शेष अवार्ड किए हुए भवनों की मुआवजा राशि देने के लिए एनएचएआई के पालमपुर इकाई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर से लगभग 91 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाने के लिए पत्र भेज कर सूचना दी है, ताकि प्रभावितों में जल्द मुआवजा राशि वितरित की जा सके।
