
कुल्लू- आदित्य
आउटसोर्स कर्मचारियों को 18 हजार रुपये प्रति माह न्यूनतम वेतन दिया जाए। कर्मचारी पूरा काम कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नाममात्र का वेतन दिया जा रहा है। इसके चलते कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह बात आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ कुल्लू के अध्यक्ष महेंद्र नेगी ने कही।
सरवरी स्थित आउटर सराज भवन में रविवार को आउटसोर्स कर्मचारियों ने बैठक की, जिसमें विभिन्न विभागों में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया। गौर रहे कि पिछले लंबे समय से कर्मचारी स्थायी नीति बनाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन इनकी मांग को दरकिनार किया जा रहा है।
महासंघ के अध्यक्ष महेंद्र नेगी ने कहा कि स्थायी नीति न बनने के कारण प्रदेश के हजारों आउटसोर्स कर्मचारी दुविधा में हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने की स्थायी नीति नहीं बनाई जा रही है। इससे कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। पूरी ड्यूटी देने के उपरांत भी कर्मचारियों को वेतन के लिए महीनों इंतजार करना पड़ रहा है।
कई विभागों में कर्मचारियों को दो-दो माह तक वेतन नहीं दिया जा रहा है। विगत शनिवार को मनाली में भी शिक्षा मंत्री से आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल मांगों को लेकर मिला है। यदि जल्द कर्मचारियों की मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो कर्मचारी प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेंगे।
इस दौरान पारस शर्मा, मदन लाल, संजय कुमार, संदीप चौहान, अरुण कुमार, नीलम, राजेश शर्मा, टेला देवी, हरीश, निरत, रूपलाल, दुनीचंद, केशव आदि उपस्थित रहे।
