हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने बीपीएल परिवारों के चयन के मानदंडों में संशोधन करते हुए नई अधिसूचना जारी की है। इस नए बदलाव के तहत, अब उन परिवारों को बीपीएल श्रेणी में शामिल होने के लिए प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके सभी वयस्क सदस्यों ने पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान मनरेगा के अंतर्गत कम से कम 20 दिन का कार्य पूरा किया हो। सरकार का उद्देश्य बीपीएल चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बनाना है।
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अमरजीत सिंह द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, बीपीएल चयन के पुराने दिशानिर्देशों को अब इस नए ‘कार्य-आधारित मानक’ से प्रतिस्थापित कर दिया गया है। अधिसूचना के मुताबिक, “प्रथम से पांचवें चरण तक के सभी लंबित आवेदनों पर इस संशोधित नियम के तहत विचार होगा।
इच्छुक परिवार 31 मार्च 2026 तक अपने नए आवेदन जमा कर सकते हैं। वहीं, पंचायत-वार सूचियों की छंटनी के बाद 4 अप्रैल 2026 तक अंतिम बीपीएल सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा। सरकार ने मनरेगा कामगारों के लिए पात्रता शर्तों में यह चौथी बार बदलाव किया है। पूर्व में यह शर्त 100 दिन की थी, जिसे घटाकर क्रमशः 80, 50 और अब छठे चरण में मात्र 20 दिन कर दिया गया है।
खंड विकास अधिकारी परागपुर, अशोक कुमार के बोल
खंड विकास अधिकारी (BDO) परागपुर, अशोक कुमार ने बताया कि इस ढील से उन गरीब परिवारों को लाभ मिलेगा जो पहले कार्य दिवसों की अधिक संख्या के कारण सूची से बाहर हो जाते थे। प्रशासनिक स्तर पर इस आदेश को लागू करने के लिए परागपुर ब्लॉक के समस्त पंचायत सचिवों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
पंचायत सचिवों को कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मुनादी या बैठकों के जरिए ग्रामीणों को इस नए पात्रता नियम के बारे में सूचित करें ताकि पात्र परिवार समय पर आवेदन कर सकें।

