मूसलाधार बारिश से भारी नुकसान, हवा में लटकी बस, गाड़ियां दबीं, अगले दो दिन ऑरेंज अलर्ट
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश में बीती रात को हुई मूसलाधार बारिश के बाद प्रदेश की नदियां उफान पर आ गई हैं। रातभर हुई मूसलाधार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। बारिश से नदी नालों में बाढ़ आ गई है। इसके कारण प्रदेश में कई जगह पर नुकसान हुआ है। कई जगह हादसे पेश आए हैं।

गोहर में पुल ध्वस्त हो गया है। चौपाल उपमंडल में शनिवार को एचआरटीसी की बस हादसे का शिकार हो गई है। दुर्घटना में ड्राइवर व कंडक्टर घायल हैं। भारी बारिश के कारण राजगढ़-नाहन रोड पर नेहर बाग के पास पंजाब रोडवेज की बस हवा में लटक गई। सभी यात्री सुरक्षित हैं।

शिमला में भी रात भर बारिश के बाद नालों में अचानक पानी आने से सारा मलबा सडक़ों पर आ गया। इससे अलग-अलग क्षेत्रों में एक दर्जन से ज्यादा गाडिय़ों को भी नुकसान हुआ। कृष्णानगर में भी आधा दर्जन गाडिय़ों को नुकसान हुआ है।

प्रदेश भर में नदी-नालों में अचानक पानी का स्तर बढऩे के बाद प्रदेशवासियों और सैलानियों को इनके आसपास नहीं जाने की सलाह जारी कर दी गई हैं। बारिश के बाद हिमाचल की 45 से ज्यादा सडक़ें यातायात के लिए बंद हो गई हैं।

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की डैहर उपतहसील की ग्राम पंचायत सलापड कालोनी के सीयू गांव का रहने वाला 80 वर्षीय बुजुर्ग सौजू राम पुत्र स्वर्गीय काला राम अपनी 18 बकरियों को बीबीएमबी पावर हाउस सलापड के पास चरा रहा था, इसी दौरान सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ गया। बुजुर्ग और 18 बकरियां पानी के तेज बहाव की चपेट में आने से बह गई हैं।

कहां, कितनी बारिश
मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश के कई क्षेत्रों में शुक्रवार रात को करीब 4 से 5 घंटे बारिश हुई है। बारिश हुई है। कांगड़ा में सबसे ज्यादा 143.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। शिमला में 99.2 मिलीमीटर, सुंदरनगर में 70 मिलीमीटर, धर्मशाला में 47.1 मिलीमीटर, नाहन में 38.6, भोरंज में 122, बिलासपुर में 108 मिलीमीटर, मंडी में 58.4 मिलीमीटर बैश दर्ज की गई है।

