
वी.वी.आई.पी. नंबर एच.पी 99-9999 की नीलामी में फर्जी बोलियों के बाद परिवहन विभाग ने आगामी आदेशों तक वी.वी.आई.पी. फैंसी नंबर पोर्टल सस्पैंड (निलंंबित) कर दिया है।
शिमला – नितिश पठानियां
वी.वी.आई.पी. नंबर एच.पी 99-9999 की नीलामी में फ र्जी बोलियों के बाद परिवहन विभाग ने आगामी आदेशों तक वी.वी.आई.पी. फैंसी नंबर पोर्टल सस्पैंड (निलंंबित) कर दिया है। ऐसे में अब कुछ दिनों तक वाहन मालिक अपनी गाडिय़ों के लिए वी.वी.आई.पी. नंबर नहीं खरीद सकेंगे।
पोर्टल में कुछ नए बदलाव व अपगे्रडेशन के बाद ही वाहन मालिक नंबर खरीद सकेंगे। इसके लिए परिवहन विभाग ने एन.आई.सी. (नैशनल इन्फ ॉर्मेटिक्स सैंटर) को पोर्टल में सुधार करने के लिए कहा है।
ऐसे में अब एन.आई.सी. सॉफ्टवेयर को अपडेट करेगा। वी.वी.आई.पी. नंबर एच.पी 99-9999 में हुए फर्जीवाड़े के बाद अब फैंसी नंबर पोर्टल पर बोली लगाने के लिए नई व्यवस्था तैयार की जाएगी।
अब वी.वी.आई.पी. नंबर के लिए यह होगी नई व्यवस्था
परिवहन विभाग की नई व्यवस्था में वी.आई.पी. नंबर की बोली लगाने के लिए रिजर्व प्राइस की 30 प्रतिशत राशि बिडिंग में भाग लेने से पहले ही जमा करवानी होगी। यदि सबसे ज्यादा बोलीदाता बोली लगाने के बाद नंबर को नहीं खरीदता है तो उसकी 30 फीसदी राशि जब्त हो जाएगी और नंबर दोबारा से पब्लिक डोमेन में चला जाएगा।
वहीं अन्य बोलीदाताओं की 30 प्रतिशत राशि वापस हो जाएगी। जब तक यह व्यवस्था एन.आई.सी. की ओर से तैयार नहीं की जाती है तब तक परिवहन विभाग का फैंसी नंबर पोर्टल बंद रहेगा।
खूब चर्चा में रहा 80 हजार की स्कूटी का एक करोड़ी नंबर
प्रदेश में बीते दिनों 70 से 80 हजार की स्कूटी का करोड़ी नंबर खूब चर्चा में रहा। वहीं वी.वी.आई.पी. नंबर एच.पी. 99-9999 को परिवहन विभाग ने बंद कर दिया है। नंबर खरीदने वाले बोलीदाता फर्जी निकले हैं। किसी भी बोलीदाता ने इस नंबर को खरीदने के लिए पंजीकरण फीस जमा नहीं करवाई है।
फिलहाल परिवहन विभाग की ओर से अभी तक इन बोलीदाताओं पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है लेकिन परिवहन विभाग ऑनलाइन पोर्टल में बदलाव करने की तैयारी में जुट गया है ताकि दोबारा किसी भी नंबर के लिए कोई फर्जी बोली न लगा सके।
फर्जी बोलीदाताओं पर होगी कार्रवाई
कोटखाई नंबर सीरीज एच.पी.-99 के तहत एच.पी.-99-9999 नंबर पर फर्जी तरीके से बोली लगाने वालों पर विभाग कार्रवाई भी करेगा। फि लहाल परिवहन विभाग द्वारा नियमों का अध्ययन किया जा रहा है। जल्द ही फर्जी बोलीदाताओं पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
