हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़े अंतर्राज्यीय ड्रग नैटवर्क का पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने इस मामले में लगातार कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस नई गिरफ्तारी के साथ ही अब तक इस मामले में पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या 8 हो गई है।
बता दें कि बीते 2 फरवरी को चिड़गांव पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 25, 29 व 27(ए) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 83 ग्राम चिट्टा और 45,000 रुपए की नकदी बरामद की गई थी।
कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने 30 मार्च को इस मामले में एक और गिरफ्तारी की। पुलिस ने शुभम डारकाल निवासी चिड़गांव को पकड़ा है।
जांच में यह बात सामने आई है कि शुभम का नैटवर्क के मुख्य सप्लायर हरदीप के साथ लगभग 10 लाख रुपए का सीधा लेन-देन रहा है। इसके अलावा एक अन्य मुख्य आरोपी जशनदीप के साथ भी शुभम के आर्थिक संबंधों की पुष्टि हुई है।
मामले के बैकवर्ड लिंक खंगालने पर पुलिस को पता चला कि चिड़गांव का रहने वाला विजेंद्र सिंह उर्फ छोटू इस इलाके में ड्रग्स का मुख्य डिस्ट्रीब्यूटर था। वहीं, इस पूरे गिरोह का सरगना पंजाब के फिरोजपुर का निवासी हरदीप सिंह है।
पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया है कि मुख्य सरगना हरदीप के बैंक खातों में पिछले महज 7 महीनों के भीतर करीब 28 लाख रुपए का लेन-देन हुआ है। इस नैटवर्क में जशनदीप सहित कई अन्य लोगों की भूमिका भी उजागर हुई है।
शिमला पुलिस के अनुसार यह ड्रग नैटवर्क अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय था। अब तक गिरफ्तार किए गए कुल 8 आरोपियों में से 3 आरोपी पंजाब के फिरोजपुर और मोगा जिलों के रहने वाले हैं।
हाल ही में गिरफ्तार किए गए आरोपी को नियमानुसार न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान कर जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

