अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण मरीजों को झेलनी पड़ रही है परेशानी।
ज्वाली – अनिल छांगु
विधानसभा क्षेत्र ज्वाली के अधीन पंचायत कुठेहड़, कोटला, सोलदा, भाली, आंबल, भलाड़, त्रिलोकपुर, पद्दर, डोल, सियूनी, अमनी, नढोली, बेहि पठियार सहित चंबा क्षेत्र की मोरठू व जोलना पंचायत की जनता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुठेहड़ पर चिकित्सा सुविधा के लिए निर्भर करती है लेकिन अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
अस्पताल में एकमात्र डॉक्टर है जिसको डेपुटेशन पर भेज दिया जा रहा है। जिससे कुठेहड़ अस्पताल रामभरोसे चल रहा है। इस स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना 200 से 300 ओपीडी होती है लेकिन अब डॉक्टर के अभाव में मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
शुक्रवार को भी अस्पताल में डॉक्टर की कुर्सी खाली रही और मरीज परेशानी झेलते रहे। मरीजों ने सरकार के खिलाफ खूब गुबार निकाला। मरीजों को रात्रि को चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती है।
स्टाफ के अभाव में रात्रि को अस्पताल तालों में कैद हो जाता है तथा रात्रि समय चिकित्सा सुविधा लेने के लिए लोगों को सिविल अस्पताल शाहपुर, नूरपुर या ज्वाली में भटकना पड़ता है।
सुनील भलाड़ू सहित लोगों ने कहा कि रिक्त पदों को भरा जाए ताकि बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके अन्यथा इसको बन्द कर दिया जाए।
उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सूक्खु, स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल तथा कृषि एवं पशुपालन मंत्री चन्द्र कुमार से मांग की है कि सीएचसी कुठेहड़ में पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति करवाकर एंबुलेंस व एक्स-रे सुविधा भी मुहैया करवाई जाए।
सीएमओ डॉ सुशील शर्मा के बोल
इस बारे में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ सुशील शर्मा ने कहा कि इसके बारे में सरकार को अवगत करवाया गया है। उन्होंने कहा कि कुठेहड़ को सीएचसी का दर्जा तो दिया गया लेकिन पोस्टों की क्रिएशन नहीं की गई है।

