
शिमला- जसपाल ठाकुर
राजधानी शिमला स्थित राज्य सचिवालय में कोरोना काल के शुरुआती दौर में हुए कथित सैनिटाइजर घोटाले की जांच कर रही विजिलेंस ने शनिवार को स्थानीय अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। चार्जशीट में राज्य सचिवालय में तैनात संयुक्त सचिव स्तर की अधिकारी के अलावा तीन अन्य कर्मचारियों और सैनिटाइजर सप्लाई करने वाले ठेकेदार को आरोपी बनाया गया है।
मामले की जांच करीब छह महीने पहले पूरी हो गई थी, लेकिन सरकार संयुक्त सचिव के खिलाफ विजिलेंस की मांगी अभियोजन मंजूरी पर फैसला नहीं ले सकी थी। हाल में मुख्यमंत्री ने अभियोजन मंजूरी दे दी, जिसके बाद कार्मिक विभाग ने ब्यूरो को इससे अवगत करा दिया।
मंजूरी मिलने के बाद अब ब्यूरो ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। बता दें, 2020 में कोविड के प्रकोप के देश में बढ़ने के साथ ही राज्य सचिवालय में 18 मार्च को जारी सप्लाई ऑर्डर में तीन हजार सैनिटाइजर खरीदने का निर्णय बिना अधिकारियों की जानकारी के ही कर लिया गया।
अधिकारियों को सिर्फ यह पता था कि सैनिटाइजर खरीदे जा रहे हैं, लेकिन वह तीन हजार खरीदे जा रहे हैं या सौ-पांच सौ मिली लीटर की शीशी में, इसकी किसी आला अधिकारी को न तो जानकारी थी और न ही नोटिंग शीट में कहीं भी इसे दर्ज किया गया।
