
सिरमौर – नरेश कुमार राधे
हिमाचल प्रदेश में उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां बाला सुंदरी त्रिलोकपुर के मुख्य दानपात्र से सरेआम कथित चोरी का वीडियो सामने आया है।
हालांकि ये मामला 15 जून 2022 का बताया गया है, लेकिन इस पर ठोस कार्रवाई न होने से क्षुब्ध सूत्रों ने लंबे अरसे बाद मंदिर के मुख्य गणना हाल के दानपात्र से चोरी की फुटेज उपलब्ध करवाई है।
हैरान कर देने वाली बात यह भी है कि दानपात्र से नकदी की चोरी के दौरान एक सुरक्षाकर्मी को आभास हो गया था, लेकिन मंदिर का चौकीदार आराम से दोनों बाजुओं में नोटों को भर रहा। वीडियो में सुरक्षा कर्मी दूसरे कर्मी को इशारा कर बताने का प्रयास भी कर रहा है।
एक अहम बात यह है कि त्रिलोकपुर के रहने वाले रितेश गुप्ता पुत्र स्वर्गीय वेद प्रकाश ने कालाअंब पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करवाई थी, लेकिन इस पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
प्राचीन मंदिर के मुख्य दानपात्र से कथित चोरी की इस वारदात से निश्चित तौर पर मंदिर में चढ़ावा चढ़ाने वाले श्रद्धालुओं की भावना को भी ठेस पहुंचेगी।
मंदिर के मुख्य गणना हॉल से निकलने के बाद चौकीदार गौरव वापस नहीं लौटता है, बल्कि दूसरी फुटेज में वह तुरंत ही किसी को फोन करता भी नजर आ रहा है। इस दौरान साफ तौर पर इस बात का एहसास हो रहा है कि बाजू में कुछ भरा हुआ है।
आरोप के मुताबिक गणना के समय गौरव दानपात्र में दोनों हाथ डालकर संदिग्ध हरकत कर रहा है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि दान पत्र से नोट चोरी करके अपनी बाजुओं में भर रहा है, इससे उसकी बाजू भी भारी दिखाई दे रही हैं।
ये भी आरोप है कि गणना के दौरान गौरव चैकिंग करवाए बिना ही हॉल से निकल गया था। वो दोबारा वापस नहीं लौटा। आरोपों की मानें तो 17 जून को भी उसकी हरकतें संदिग्ध थी।
24 जून को प्रशासन को इस मामले की सूचना दी गई थी। सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से यह स्पष्ट होता है कि गौरव अपनी बाजुओं में पैसा भरकर मंदिर के दानपात्र से चोरी कर रहा है।
हालांकि मंदिर के दानपात्र से चोरी व चढ़ावे के दुरुपयोग के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन इस तरीके का मामला शायद पहली बार ही सामने आया है, जब ठोस सबूत के तौर पर सीसीटीवी की फुटेज भी उपलब्ध है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि मंदिर में लंबे अरसे से तैनात कर्मचारियों की चल व अचल संपत्तियों की जांच भी की जानी चाहिए।
उधर मंदिर न्यास के सहायक आयुक्त व एसडीएम रजनेश कुमार ने कहा कि जून के महीने में दानपात्र से चोरी करने की शिकायत आई थी, इसके बाद फुटेज के आधार पर चौकीदार को निलंबित कर दिया गया था साथ ही मुख्यालय डीसी कार्यालय में तय किया गया था।
एसडीएम ने कहा कि पुलिस द्वारा मामले से जुड़ी जो भी जानकारी मांगी गई थी,वो उपलब्ध करवा दी गई थी। एसडीएम ने कहा कि त्रिलोकपुर मंदिर न्यास द्वारा विभागीय जांच में करवाई जा रही है।
उपायुक्त स्तर पर एसी टू डीसी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। एसडीएम ने माना कि मंदिर के मुख्य दानपात्र से चोरी की घटना गंभीर है लिहाजा इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।
