
प्रागपुर – आशीष कुमार
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के वेदव्यास परिसर बलाहर में राज्यस्तरीय शास्त्रीय स्पर्धा का उद्घाटन हुआ। जिसकी अध्यक्षता परिसर के निदेशक प्रो. मदन मोहन पाठक ने की ।
इस कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में लखनऊ परिसर से प्रो.हंसधर झा उपस्थित रहे। वहीं विशिष्टातिथि पद को काशी से आए प्रो. ब्रजभूषण ओझा ने अलंकृत किया।
इस अवसर पर छात्रों का मार्गदर्शन करते समय मुख्यातिथि प्रो. हंसधर झा ने कहा कि- प्रतियोगिता से छात्रों का सर्वांगीण विकास होता है व छात्रों की नेतृत्व क्षमता भी इससे विकसित होती है।
विशिष्टातिथि प्रो.ओझा ने कहा कि जिस प्रकार छाता(छतरी) बरसात एवं गर्मी से हमें बचाता है, ठीक वैसे ही गुरु भी सभी परिस्थितियों में अपने शिष्य की रक्षा करता है। इसी तरह शिष्य को भी अपने धर्म का पालन करना चाहिए।
कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. मदन मोहन पाठक ने सभी अतिथियों का स्वागत किया एवं ऐसी पीढ़ी के निर्माण का संकल्प लिया जो भावि युग की मार्गदर्शिका रहेगी। संस्कृत के छात्र सभी क्षेत्रों में अग्रणी रहेंगे जिससे भारत पुनः विश्वगुरु बन सकेगा।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. मञ्जुनाथ ने कहा कि राज्यस्तरीय स्पर्धा के लिए प्रदेश भर के सभी भागों से प्रतिभागी आए हुए हैं।
वेदव्यास परिसर के निदेशक प्रो मदनमोहन पाठक ने बताया कि आगामी दो दिनों तक 32 प्रकार की स्पर्धाओं का आयोजन होगा। जिसमें छात्र ज्ञानगंगा का प्रवाह करेंगे।
इस अवसर पर विभिन्न कॉलेजों के मार्गदर्शक एवं प्रतिभागी, वेदव्यास परिसर के समस्त आचार्य, कर्मचारी एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
