हिमखबर डेस्क
सोलन स्थित शूलिनी विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र द्वारा कथित रूप से आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आने के बाद परिसर में तनाव का माहौल बन गया है। इस घटना ने न केवल छात्रों, बल्कि स्थानीय लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है।
सुसाइड नोट में विश्वविद्यालय का जिक्र होने से मामला और संवेदनशील हो गया है, जिसके चलते छात्र न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन नोट में लगाए गए आरोपों को गंभीरता से जांच के दायरे में लिया जा रहा है।
उधर, घटना की खबर फैलते ही विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में छात्र एकत्रित होकर प्रदर्शन करने लगे और मृतक छात्र के परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतता है और कई बार किए गए वादों से पीछे हट जाता है।
छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पारदर्शी जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द उचित कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, स्थिति को देखते हुए परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
प्रशासनिक अधिकारी छात्रों से लगातार बातचीत कर माहौल को शांत करने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा सुसाइड नोट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

