
शिमला – जसपाल ठाकुर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शिमला दौरे को लेकर शिमला शहर में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद थी। रिज मैदान तक पहुंचने के लिए बैरिकेडिंग की हुई थी।
पैदल चलने वाले लोगों के लिए केवल दो फीट का ही रास्ता रखा हुआ था। लोगों की भीड़ के बीच से एक महिला व्हील चेयर पर बैठकर मालरोड पहुंची।
उसके हाथ में एक बैनर था जिस पर लिखा था ‘न्याय दो या मौत दो। इस महिला का नाम रुकमणी देवी है, जो नालागढ़ की रहने वाली है।
इनका कहना था कि नालागढ़ तहसील के मझोली गांव में 60 साल से परिवार के साथ रह रही है। तहसीलदार ने बिना नक्शा पास किए उनके मकान को किसी और व्यक्ति को दे दिया है।
तहसीलदार कहते हैं कि जिस जगह तुमने मकान बनाया है, वह किसी और की जमीन है, ऐसे में अब यह मकान उसकी संपत्ति है।
रुकमणी देवी ने कहा कि अब वह न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। प्रधानमंत्री से न्याय की आस है, इसलिए वह शिमला आई है।
उन्होंने कहा कि बार-बार मकान खाली करने को कहा जा रहा है। पूरा परिवार कहां जाएगा। प्रधानमंत्री से न्याय मांगने आए थे। यहां सुरक्षा कर्मियों ने कहा कि डीसी कार्यालय जाएं।
महिला पुलिस कर्मचारी इस महिला को भीड़ से बचाकर उपायुक्त कार्यालय ले गईं। यहां पर अधिकारियों से बात हुई है। परिवार की एक अन्य सदस्य जितेंद्र कौर का कहना है कि हमारे साथ अन्याय हो रहा है।
अगर हमें न्याय नहीं मिला तो हमारे पास मरने के अलावा कोई रास्ता नहीं हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
