
दुराना- राजेश कुमार
पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान पंचायत डोल भटहेड़ साधू राम राणा सहित पूर्व पंचायत समिति सदस्य कुठहेड़ राजेश शर्मा, पूर्व पंचायत प्रधान त्रिलोकपुर ऊषा गुलेरिया,सिहुंणी पंचायत के उपप्रधान गगन समयाल, पंचायत नढोली के पूर्व पंचायत प्रधान रामेश्वर परमार ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि तहसील ज्वाली के कुठहेड़ पंचायत में स्थित वन रक्षक परीक्षण केंद्र जोकि 1992 में चालू किया गया था और लगभग चार बर्ष तक चालू हालत में रहने उपरांत आज तक बंद हालत में पड़ा है।
जब कांगड़ा जिले के तेजतर्रार नूरपुर के विधायक राकेश पठानियां ने वन मंत्री के रुप में बागडोर संभाली तो वन रक्षक परीक्षण केंद्र कुठहेड़ के पुनः चालू होने की उम्मीद जगी थी और यह मामला माननीय वन मंत्री राकेश पठानियां के ध्यानार्थ भी लाया गया था लेकिन आजतक इस अभागे सरकारी परीक्षण केंद्र के बंद पड़े दरवाजे नहीं खुल पाए हैं।
अब तो वर्तमान सरकार सहित वन मंत्री का सेवाकाल लगभग छः माह ही शेष बच्चा है। अतः इस अवधि में माननीय वन मंत्री चाहें तो अपनी विषेश रुचि रखते हुए इस बंद पड़े वन रक्षक परीक्षण केंद्र को पुनः चालू करवाने का श्रेय अपने नाम से जोड़ सकते हैं और इस लाखों रुपए से बने बंद पड़े सरकारी भवन को खंडहर हालत में होने से बचा सकते हैं।
