ऊना – अमित शर्मा
गगरेट पुलिस ने नाका लगाकर अवैध रूप से लकड़ी ले जाने वाली छोटी बड़ी 28 गाड़िया जब्त की है। ये गाड़िया जिला कांगड़ा और हमीरपुर के क्षेत्रों से आ रही थी । सुबह करीब 4 बजे पुलिस ने अलग अलग जगह पर नाकेबंदी की और इन्हें जब्त कर लिया गया।

इन गाड़ियों में ईंधन लकड़ी की आढ़ में इमारती लकड़ी ले जाई जा रही थी। पुलिस ने जब इन गाड़ियों से दस्तावेज मांगे तो ये सब गाड़िया दस्तावेज दिखाने में असफल रही। हालांकि, कुछ गाडीयो में ईंधन की लकड़ी भी थी, लेकिन उनके पास से भी वैध दस्तावेज बरामद नही किए गए।
करीब दो माह में ये तीसरा बड़ा मामला है जब इतने बड़े पैमाने पर पुलिस ने लकड़ी बरामद की है। इस से पहले 13 गाड़िया जब्त की थी और दूसरी बार अवैध रूप से चल रहे डंप केआ भी गगरेट पुलिस ने खुलासा किया था।

ज़िला ऊना में गगरेट का पंजाब – हिमाचल बॉर्डर इन तस्करों के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है रोजाना करीब सौ से ज्यादा गाड़िया इस रास्ते से गुजरते हुए पंजाब में जाती है। वन विभाग द्वारा गगरेट में एक चेक पोस्ट बनाई गई है लेकिन उस चेक पोस्ट का भी कोई लाभ नही हो रहा है।
दो बार तो उस चेक पोस्ट पर कर्मचारी विजिलेंस ने रिश्वत लेते हुए पकड़े है जबकि रोजाना सुबह के समय वहां से अनेक वाहन लकड़ी लेकर गुजरते है और उनके खिलाफ कारवाई कभी नही होती जबकि पुलिस जब जब नाकेबन्दी करती है ऐसी गाड़िया पुलिस की गिरफ्त में आ जाती है ।

हैरानी का विषय है प्रतिबंधित लकड़ी कांगड़ा से कटकर उसके बाद ट्रकों में लोड होकर रोजाना कैसे आ रही है । स्थानीय वन विभाग के कर्मचारी और पुलिस इन्हें क्यों नही रोक रही जबकि ट्रकों के इस रूट में अलग अलग वन विभाग वीट , रेंज क्षेत्र व सर्कल तक बदल जाते है। यही फार्मूला पुलिस पर भी लागू होता है अनेक थाना क्षेत्र रास्ते मे आते है लेकिन इन्हें कहीं भी रोका क्यों नही जाता।
एसपी ऊना अर्जित सेन के बोल
पुलिस ने 28 छोटी बड़ी गाड़िया जब्त की है , इनकी जांच हो रही है कितनी लकड़ी ईंधन वाली लकड़ी है कितनी प्रतिबंधित है । जिस स्थान से काटी गई है वहां से भी जांच की जाएगी ।

