जन सुनवाई में जनता बोली; न सीएम, न ही भाजपा विधायक ने पूछा हाल, प्रशासन से पुनर्वास में मांगी प्राइम लोकेशन
हिमखबर डेस्क
कांगड़ा हवाई अड्डा विस्तारीकरण के लिए गगल पंचायत घर में बुधवार को गगल के लोगों की जन सुनवाई एडीएम हरीश गज्जू और एसडीएम इशांत जसवाल की अध्यक्षता में हुई। पंचायत घर में उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि हवाई अड्डा विस्तारीकरण का विरोध करते हैं।
गगल एक शहर है और इसको गगल के लोगों ने बसाया है। जिस प्रकार गगल अच्छी जगह पर स्थित है, सरकार उनको उसी प्रकार की जगह दे। यह अंतिम जनसुनवाई थी, अब इन तीन जनसुनवाइयां में रखी गईं मांगें जिला प्रशासन की ओर से सरकार को भेजी जाएंगी।
गगल में पिछले कई वर्षों से रह रहे कारोबारियों ने कहा कि उन्होंने भूमि अधिनियम 118 के तहत भूमि ली है और इस हवाई अड्डे में उनकी सारी जमीन चली जाएगी। इस बात की चिंता है कि उनको दोबारा से जमीन कैसे मिलेगी।
पिछले 70 वर्षों से पाकिस्तान से आए रिफ्यूजी लोग जिनका पूरा जीवन गगल में बीत गया है, उनके घर पंचायत की जमीन पर बने हैं, उनके नाम आज तक जमीन नहीं है। उनके लिए सरकार ने क्या प्रावधान किया है।
ग्रामीणों ने एक स्वर में कांगड़ा हवाई अड्डा विस्तारीकरण का विरोध किया और कहा कि अगर गगल से उठाना है तो गगल की तरह की विकसित बाजार में बसाया जाए। गगल प्रधान रेणु पठानिया ने भी इसमें भाग लिया।
- नरेन कुंद्रा ने कहा कि गगल में पिछले कई वर्षों से रह रहे किरायेदार उनके लिए सरकार क्या प्रावधान करेगी। व्यापार के बदले व्यापार हमारी सर्वप्रथम मांग है। दुकान के बदले दुकान के लिए गगल जैसे विकसित बाजार जैसा एक नया बाजार दिया जाए।
- दुकानदार काकू ने कहा कि गगल एयरपोर्ट के लिए एक भी इंच जमीन नहीं देंगे, चाहे सरकार जो मर्जी कर ले। कांगड़ा हवाई अड्डा विस्तार का विरोध जारी रहेगा।
- गगल के दुकानदार सैंकी ने कहा कि आगर सरकार एयरपोर्ट बनना चाहती है तो सबसे पहले उन परिवारों के बच्चों को रोजगार की प्राथमिकता दी जाए, जो इसमें प्रभावित हो रहे हैं।
- दुकानदार भोली रानी ने कहा कि एक इंच भी अपनी दुकान या अपनी जमीन गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण को नहीं देंगे, चाहे इसके लिए हमें कुछ भी क्यों न करना पड़े।
ग्राम पंचायत इच्छी में जन सुनवाई नायब तहसीलदार शाहपुर राजिंद्र सिंह पठानिया की अध्यक्षता में हुई। इच्छी में भी फिर से विरोध के स्वर उठे । यहां लोगों ने कहा कि वह अपनी जमीन हवाई अड्डे के लिए नहीं देंगे।
ग्राम पंचायत सनौरा में महाल ढुगियारी खास के लिए जन सुनवाई तहसीलदार कांगड़ा मोहित रत्न की अध्यक्षता में हुई । लोगों ने अपने सुझाव दिए। प्रधान सुनीता देवी ने बताया कि शांतिपूर्वक ढंग से लोगों ने इस जन सुनवाई में भाग लिया।
उधर, ग्राम पंचायत रच्छियालू में भी महाल रच्छियालू की जन सुनवाई एसडीएम शाहपुर करतार चंद की अध्यक्षता में हुई। इस जन सुनवाई में रच्छियालू के लोगो ने अपनी-अपनी मांग रखते हुए कहा कि उन्हें रहने के लिए कम से कम एक कनाल भूमि, घर बनाने के लिए 12 लाख, गुजारा भत्ता 10 हजार रुपए और उन्हें कियोडिय़ां और भड़ोत में खाली पड़ी जमीन पर बसाया जाए और जितनी भी मूलभूत सुविधाएं जरूरी होती हैं, सरकार मुहैया करवाए ।

