राहत योजना: दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा कैशलेस इलाज’: डीसी

--Advertisement--

दुर्घटना पीड़ित को 24 घंटे के भीतर सूचीबद्ध अस्पताल में भर्ती करवाना जरूरी, प्रति व्यक्ति 1.5 लाख रुपये तक के इलाज का है प्रावधान

धर्मशाला – हिमखबर डेस्क 

पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनजागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय कांगड़ा द्वारा आज सोमवार को धर्मशाला स्थित उपायुक्त सभागार में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त कांगड़ा, हेमराज बैरवा ने की।

उपायुक्त ने कहा कि यह योजना सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाने के लिए शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत प्रति व्यक्ति 1.5 लाख रुपये तक के इलाज का प्रावधान है।

उन्होंने बताया कि दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर पीड़ित को सूचीबद्ध अस्पताल में भर्ती करवाना आवश्यक है, ताकि समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

कार्यशाला में अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना के अंतर्गत आपातकालीन सेवाएं, सर्जरी, आईसीयू सहित अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं।

यह योजना सभी सड़क दुर्घटना पीड़ितोंकृचाहे वे चालक, यात्री या पैदल यात्री होंकृपर समान रूप से लागू होती है। साथ ही, आईटी आधारित प्रणाली के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाया गया है।

इस अवसर पर आरटीओ धर्मशाला, विकास जम्बाल ने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और जनजागरूकता अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने आम जनता से अपील की कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घबराएं नहीं और नजदीकी अस्पताल या पुलिस स्टेशन से तुरंत संपर्क कर योजना का लाभ उठाएं।

कार्यशाला में स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लेकर योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

--Advertisement--
--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

कांगड़ा में भूकंप के झटकों से सहमे लोग, सुबह-सुबह कांपी धरती

हिमखबर डेस्क हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में आज यानी...

रन-वे से पहले एयरपोर्ट प्रभावित परिवारों को घर, एयरपोर्ट का 3010 मीटर बनेगा रन-वे

कांगड़ा हवाई अड्डा विस्थापितों के पुनर्वास को प्राथमिकता। हिमखबर डेस्क  हिमाचल...