यूपी और मध्यप्रदेश के सौरभ सिंह, अरबाज खान और सिद्धार्थ चिडग़ांव से पकड़े थे, आधी रात एक बजे कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया सुबह छह बजे गई दिल्ली पुलिस
हिमखबर डेस्क
राजधानी शिमला में रातभर दिल्ली और हिमाचल पुलिस के ड्रामे के बाद दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों को दिल्ली लेकर रवाना हो गई है। एआई समिट के अर्धनग्न प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सौरभ सिंह, अरबाज खान और सिद्धार्थ सभी निवासी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के रूप में हुई है।
यूथ कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने का मामला अब कानूनी खींचतान का रूप ले चुका है। दिल्ली पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों को आधी रात करीब एक बजे एसीजेएम शिमला की अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें ट्रांजिट रिमांड मिल गया।
रिमांड मिलने के बाद जरूरी औपचारिकताएं पूरी करते हुए दिल्ली पुलिस आज गुरुवार सुबह करीब छह बजे तीनों आरोपियों को अपने साथ लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो गई।
दिल्ली पुलिस के अधिकृत वकील नंद लाल ठाकुर ने कहा कि अदालत से विधिसम्मत तरीके से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया है और पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में की गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार अदालत से अनुमति मिलने के बावजूद जिला पुलिस ने दिल्ली पुलिस के वाहनों को सुबह लगभग 5 बजकर 55 मिनट तक डिटेन रखा। इसके बाद औपचारिकताएं पूरी होने पर काफिले को आगे बढऩे दिया गया।
यह पूरा विवाद बुधवार तडक़े शुरू हुआ था, जब दिल्ली पुलिस की टीम रोहड़ू उपमंडल के चिडग़ांव इलाके में पहुंची और एक निजी रिसोर्ट में ठहरे यूथ कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
बताया गया कि ये तीनों एआई समिट में हुए कथित हंगामे और शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में वांछित थे। उधर, स्थानीय स्तर पर मामला तब गरमा गया जब हिमाचल पुलिस को शिकायत मिली कि 15-20 लोग सादे कपड़ों में आए और मांडली स्थित चांशल कैंप रिजॉर्ट से तीन मेहमानों को जबरन अपने साथ ले गए।
शिकायतकर्ता संदीप रंजन पुत्र नेगी राम की शिकायत पर थाना चिडग़ांव में केस दर्ज किया गया, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 140(3), 329(4), 127(2) और 190 लगाई गईं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि टीम सीसीटीवी का डीवीआर और एक थार गाड़ी भी साथ ले गई। बाद में स्पष्ट हुआ कि कार्रवाई दिल्ली पुलिस की थी।
हिमाचल पुलिस का कहना है कि अंतरराज्यीय कार्रवाई के नियमों के तहत स्थानीय पुलिस को पहले सूचना देना जरूरी होता है, जो इस मामले में नहीं दी गई। इसी आधार पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर अपहरण का केस दर्ज किया गया।
बुधवार दिन के समय जिला पुलिस ने कंडाघाट और शोघी बैरियर पर दिल्ली पुलिस के वाहनों को रोका और तीनों युवकों को टीम सहित जिला न्यायालय चक्कर, शिमला लाया गया।
बालूगंज पुलिस की ओर से दिल्ली पुलिस के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में निजी शिकायत भी दायर की गई, जिसे अदालत ने अगली तारीख के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
जानकारी अनुसार शाम को ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद दिल्ली पुलिस आरोपियों को लेकर रवाना हुई थी, लेकिन शोघी बैरियर पर शिमला पुलिस ने काफिले को फिर रोक लिया था। देर रात चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अंतत: गुरुवार सुबह दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर शिमला से निकल गई।

