राजकीय महाविद्यालय निहरी में भारतीय सामाजिक विज्ञान एवं अनुसंधान द्वारा एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन

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मंडी – अजय सूर्या

राजकीय महाविद्यालय निहरी में शनिवार को “भारतीय शिक्षा प्रणाली पर पोस्ट कोविड-19 के कारण हुए परिवर्तन और चुनौतियों” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया।

भारतीय सामाजिक विज्ञान एवं अनुसंधान परिषद द्वारा प्रायोजित तथा राजकीय महाविद्यालय निहरी और प्रतिभा स्पंदन संस्था, शिमला के संयुक्त तत्वाधान में हाईब्रिड मोड पर आयोजित इस एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के संयोजक प्राचार्य सहायक आचार्य शशि कुमार, सह-संयोजक सहायक आचार्य सुनीता राजपूत व डॉ० यशिका गुलेरिया, चीफ कोर्डिनेटर डॉ० वरुण सैनी, सेमिनार कोर्डिनेटर डॉ० वीरेंद्र कौशल व डॉ० बलबीर, ऑर्गेनाइज़िंग सेक्रेटेरी सहायक आचार्य कंचन ठाकुर और ऋषव भारद्वाज तथा आयोजक समिति में डॉ० कीर्ति गर्ग, डॉ० वेद प्रकाश, डॉ० सुरेंद्र, डॉ० निर्मल सिंह व राकेश कुमार थे।

इस सेमिनार में हिमाचल और देश के अन्य राज्यों के 199 प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा विभिन्न विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन सहायक आचार्य सुनीता राजपूत एवं सहायक आचार्य ऋषव भारद्वाज ने किया।

इस कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि डॉ० कमलकांत जी ने पोस्ट कोविड-19 के कारण भारतीय शिक्षा प्रणाली में हुए परिवर्तनों तथा चुनौतियों पर प्रकाश डाला ।

मुख्यवक्ता डॉ० दिनेश कुमार चहल ने भारतीय शिक्षा प्रणाली पर पोस्ट कोविड 19 के प्रभावों व NEP-2020 बारे अपने विचार रखे।

इस राष्ट्रीय सेमिनार के पहले और दूसरे चरण में हाइब्रिड मोड पर आयोजित चार चार सत्रों को विभिन्न क्षेत्रों के विषय – विशेषज्ञों द्वारा सम्भाला गया। जिनमें प्रो केशव शर्मा, प्रो. जे एन वालिया, प्रो० मनोज कुमार, प्रो० सतपाल सिंह, डॉ० कीर्ति गर्ग, डॉ० अरुण गुलेरिया, डॉ० राजीव शर्मा, डॉ० पंकज, डॉ० मृत्युंजय शर्मा, डॉ० रितेश वर्मा, डॉ० वीरेंद्र कौशल व डॉ० यशिका गुलेरिया शामिल थे।

सेमिनार के समापन सत्र में भारतीय सामाजिक विज्ञान एवं अनुसंधान परिषद के निदेशक प्रो० संजय कौशिक मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुए। प्रो० कौशिक ने अपने वक्तव्य में NEP-2020 की रूपरेखा साँझा की तथा भारतीय शिक्षा प्रणाली की वैश्विक चुनौतियों के लिए शिक्षकों और विद्यार्थियों को सक्षम बनने के लिए प्रेरित किया। प्रतिभा स्पंदन संस्था, मिला के अध्यक्ष डॉ० मृत्युंजय द्वारा प्रो० संजय कौशिक जी को हिम रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया।

अंत में सहायक आचार्य कंचन ठाकुर द्वारा सभी गणमान्य विद्वानों, प्रतिभागियों तथा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से इस राष्ट्रीय सेमिनार से जुड़े व्यक्तियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

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