
धर्मशाला- राजीव जसबाल
मुख्य बौद्ध मंदिर मैक्लोडगंज में वीरवार को प्रार्थना के साथ तिब्बती नववर्ष की शुरुआत के साथ ही लोसर पर्व भी शुरू हो गया है।
मंदिर में सुबह प्रार्थना की गई और लोगों के लिए सुख-समृद्धि की कामना की गई। धर्मगुरु दलाईलामा ने 4.41 मिनट के वीडियो संदेश से तिब्बती नववर्ष लोसर की शुभकामनाएं दीं।
लोसर पर्व को वाटर टाइगर वर्ष के रूप में भी मनाया जा रहा है। कोरोना के कारण दो साल से बंद मुख्य बौद्ध मंदिर को अनुयायियों और पर्यटकों के लिए भी खोल दिया गया है।
इसके चलते सुबह से ही मंदिर में लंबी लाइनें लगी रहीं। तिब्बती समुदाय के लोगों ने पूजा-अर्चना कर तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा की लंबी उम्र व तिब्बत की आजादी की कामना की।
उल्लेखनीय है कि हिंदुओं के त्योहार दीपावली की तरह तिब्बती समुदाय के लोग लोसर पर्व को मनाते हैं। घरों में रंग रोगन कर लाइटों से सजाया जाता है।
विभिन्न व्यंजन तैयार कर रिश्तेदारों और मित्रों को बांटे जाते हैं। लोसर पर्व शुरू होते ही बाजारों में भी तिब्बती खूब खरीदारी करते हैं।
