
बिलासपुर – सुभाष चंदेल
भराड़ी उपतहसील के तहत मिहाड़ा गांव के करीब दो दर्जन परिवार पिछले छह दिनों से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। गर्मी के मौसम में नलों से एक बूंद पानी नहीं टपक रही है। हालात ये हो गए हैं कि यहां इन परिवारों को देर रात तक पानी ढोना पड़ रहा है। छोटे-छोटे बच्चे भी पढ़ाई छोड़कर पानी सिर पर ढोने को मजबूर हैं।
मिहाड़ा गांव के नजदीक चल रहे सड़क नवीनीकरण कार्य के चलते छह दिन पहले पानी के पाइप टूट गए थे। उसके बाद आज तक वहां पर नए पाइप नहीं डाले गए हैं। इसके कारण लोगों के घरों में पानी की किल्लत आ गई है। मिहाड़ा गांव के विनीत, प्रकाश, मस्तराम, गुलाब चंद, कमलेश, नंद लाल, ज्ञानचंद, रमेश, जगतपाल आदि ने बताया कि दो दर्जन से ज्यादा परिवार पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।
हैंडपंप से पीने लायक पानी बहुत मुश्किल से ला पा रहे हैं। घर में मवेशियों को पिलाने के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। छह दिनों से पानी के पाइप टूटे हैं। लेकिन विभाग पाइप डालने की जहमत तक नहीं उठा रहा है। बच्चों को पढ़ाई का काम छोड़कर पानी ढोना पड़ रहा है। इस समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
लोगों ने जल शक्ति विभाग से मांग की है कि मिहाड़ा गांव के नजदीक टूटे हुए पाइप को जल्द दुरुस्त किया जाए, ताकि लोगों की समस्या का समाधान हो सके। इस संदर्भ में अधिशासी अभियंता अरविंद वर्मा ने कहा कि सड़क नवीनीकरण के चलते पाइप टूटे थे। पाइपों को जोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। मिहाड़ा में भी जल्द से पाइप जोड़े जाएंगे।
